बुजुर्ग को नहीं दिया मुआवजा तो हाई कोर्ट ने निगम आयुक्त कार्यालय मैं करवा दी तालाबंदी,मुआवजा को लेकर लंबे समय से भटक रहा था बुजुर्ग
कुर्की के निर्देश के बाद पीड़ित को 4 लाख 20 हजार का किया भुगतान

जबलपुर यश भारत। जबलपुर नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को उसे समय अफरा तफरी की स्थिति निर्मित हो गई जब कोर्ट के आदेश के बाद कुछ वकील निगम आयुक्त का कार्यालय कुर्क करवाने पहुंच गए। मामला प्रदेश हाईकोर्ट का है जहाँ, मुआवजे के लिए 19 साल से भटक रहे बुजुर्ग को न्याय दिलाया है। जबलपुर हाई कोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर के ऑफिस में तालाबंदी के निर्देश दिए। जिसके बाद निगम ने तत्काल पीड़ित को 4 लाख 20 हजार रुपए का भुगतान किया है। हाथीताल कालोनी में याचिकाकर्ता की जमीन का अधिग्रहण करने के मामले में यह फैसला सुनाया गया है।
यह था मामला
दरअसल, नगर निगम ने साल 2006 में सड़क बनाने के लिए बुजुर्ग दयाराम चौहान की जमीन का अधिग्रहण किया था और उस जगह पर सड़क निकाल दी थी। पीड़ित सालों तक मुआवजा के लिए भटकता रहा, लेकिन उसे निगम ने पैसे नहीं दिए। उन्होंने इन सालों में कई वकील बदल लिए जो सिर्फ आश्वासन देते रहे। परेशान होकर पीड़ित ने हाईकोर्ट से अपील की। इसके बाद उनके पक्ष में निर्णय हुआ है।
तत्काल किया भुगतान
निर्णय होने के बाद भी हाईकोर्ट ने निगम को कई बार मुआवजा देने के निर्देश दिए। लेकिन उसकी ओर से लगातार अनदेखी की गई। जिसके बाद न्यायालय ने निगम कमिश्नर के ऑफिस में तालाबंदी कर कुर्की करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद निगम ने तत्काल पीड़ित को 4 लाख 20 हजार का भुगतान कर दिया।







