बड़ी खबर : 50 लाख के सोने की खरीदी में सायबर फ्रॉड की जांच करने दिल्ली से कटनी आई क्राइम ब्रांच की टीम, गोयनका ज्वेलर्स के खाते से निकले 4 लाख, तब हुआ मामले का खुलासा, आधा दर्जन लोगों से पूंछताछ
फर्जी अकाउंट से आरटीजीएस की खबर, सोना खरीदने वाले कारोबारी और उसके दोस्त समेत आधा दर्जन लोग पुलिस की पड़ताल के दायरे में


कटनी, यशभारत। सराफा बाजार में 50 लाख का सोना फर्जी बैंक अकाउंट के जरिए खरीदने के बाद सायबर फ्रॉड के बड़े मामले का खुलासा हुआ है। दिल्ली से आकर क्राइम ब्रांच की टीम इसमें जांच कर रही है। क्राइम ब्रांच ने इस केस में कटनी के एक सराफा कारोबारी और सोना खरीदने वाले उसके दोस्त को शिकंजे में लेकर पूछताछ की है। कल दोपहर 12 बजे से लेकर रात्रि 2 बजे तक क्राइम ब्रांच की टीम और लोकल पुलिस अपनी जांच करती रही। दो व्यापारियों को कोतवाली में बिठा लेने के बाद ढाई बजे रात तक बड़ी संख्या में सराफा व्यापारी थाने में जमा रहे। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि साइबर ठगों ने कटनी की एक फर्म से सोना खरीदने के बाद लंबे से उसे चूना लगाने की तैयारी कर ली थी। फ्रॉड करने वाले शातिर लोग इस फर्म के खातों पर लगातार नजर रख रहे थे, लेकिन सराफा बाजार की इस बड़ी फर्म की सक्रियता की वजह से ठग अपने नापाक मनसूबों पर कामयाब नहीं हो सके। बड़ी ठगी के पहले ही क्राइम ब्रांच और लोकल पुलिस की एंट्री हो गई।
बताया जा रहा है कि कल दोपहर लगभग 12 बजे क्राइम ब्रांच दिल्ली की टीम ने कटनी पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल शुरू की। क्राइम ब्रांच को सायबर फ्रॉड के कटनी से जुड़े कुछ इनपुट्स मिले थे, इसके आधार पर कटनी में वे जांच के लिए सराफा बाजार स्थित गोयनका ज्वेलर्स पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक गोयनका ज्वेलर्स से लगभग 10 दिन पहले 50 लाख के सोने की खरीदी की गई थी, जिसका भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से किया गया था। क्राइम ब्रांच और लोकल पुलिस ने जब इस सिलसिले में गोयनका ज्वेलर्स के संचालक अरुण गोयनका से पूछताछ की केस में नए एंगल सामने आए। पता चला कि साइबर ठगों द्वारा गोयनका ज्वेलर्स को लम्बा चूना लगाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन इस फर्म के खातों में एक अन्य पार्टी के 10 लाख के ट्रांजेक्शन के बाद 4 लाख रुपए खाते से निकल जाने के मामले से सायबर ठगी की कोशिशों का खुलासा हो गया। इसके बाद क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीम ने जांच का दायरा बढ़ा दिया। इस मैटर पर कल दोपहर 12 बजे से लेकर रात्रि ढाई बजे तक आधा दर्जन से ज्यादा सराफा कारोबारियों व अन्य लोगों से पूंछताछ की जा चुकी है। पुलिस अपने साथ दो लोगों को पकड़कर कोतवाली ले गई। कुछ देर बाद थाने सराफा व्यापारी एकत्रित होना शुरू हो गए। देर रात तक कोतवाली में मजमा लगा रहा। सराफा कारोबारियों का कहना था पुलिस जिन्हे पकड़कर लाई है उन्हें छोड़े, क्योंकि सायबर ठगी करने वालों से सराफा कारोबारियों के कोई संबंध नहीं है। जरूरत समझी जाए तो सुबह फिर से जांच के लिए बुलाया जा सकता है।
50 लाख के सोने की खरीदी फर्जी अकाउंट से ?
जानकारी के मुताबिक 50 लाख के सोने की खरीदी के लिए माधवनगर स्थित संगीता ज्वेलर्स के संचालक रवि आहूजा ने सराफा बाजार स्थित बड़ी कारोबारी फर्म गोयनका ज्वेलर्स से संपर्क किया। रवि ने फर्म के संचालक अरुण गोयनका को बताया कि उसका दोस्त माधवनगर निवासी रवि रावलानी सोना खरीदना चाहता है। बताया जाता है कि रवि रावलानी ने गोयनका ज्वेलर्स को बताया कि वह आरटीजीएस के माध्यम से पेमेंट करेगा। गोयनका ज्वेलर्स के मुताबिक उनकी फर्म के खाते में ऋतिक पटेल और संजय रजक नाम की आईडी से ट्रांजेक्शन हुआ। खाते में पैसे आने के बाद रवि पाहुजा और रवि रावलानी सोना लेकर चले गए।
खाते से निकले 4 लाख से हुआ खुलासा
सूत्रों के मुताबिक सोना खरीदने के कुछ ही दिन बाद एक अन्य व्यक्ति से गोयनका ज्वेलर्स के खाते में 10 लाख की रकम आई, लेकिन 6 अक्टूबर को उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि 4 लाख की रकम खाते से निकल गई। संचालक अरुण गोयनका ने तत्काल बैंक में संपर्क किया तो पता चला कि उनके एकाउंट में लीन लगा हुआ है। उन्होंने तत्काल सतर्कता बरतते हुए लिखित रूप से उनके साथ हुए सायबर फ्रॉड की जानकारी कोतवाली टीआई, सीएसपी, एडिशनल एसपी और एसपी को दी। अब तक यह समझ आ चुका था कि साइबर ठग किसी बड़ी ठगी की योजना पर काम कर रहे है। इस बीच दिल्ली से क्राइम ब्रांच को ठगी के कुछ और मामलों के इनपुट्स मिले, जिनके सिलसिले में टीम कटनी पहुंची और इस केस को भी जांच में लिया। 4 लाख की ठगी खुलने के बाद 50 लाख के सोने की खरीदी के मामले की भी पड़ताल शुरू हुई और कुछ और जानकारियां क्राइम ब्रांच को लगी।
सोना खरीदने के बाद फिर से बेचा गया
सूत्र बताते हैं कि क्राइम ब्रांच दिल्ली ने साइबर फ्रॉड से जुड़े इस पूरे प्रकरण की जानकारी कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा को दी। लोकल पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया तथा यह पता लगाने की कोशिश की गई कि 50 लाख का सोना खरीदने के बाद जिन खातों से आरटीजीएस हुआ, वो लोग कौन है और खरीदी के बाद वो सोना किसके पास है। इस पहलू पर जब पड़ताल आगे बढ़ी तो क्राइम ब्रांच लकी आहूजा और कमल सिंधी नामक सराफा कारोबारियों को अपने साथ थाने ले आई और सारा दिन पूंछताछ चलती रही। इस दौरान अनेक सराफा कारोबारी थाने में एकत्रित रहे। रात्रि ढाई बजे तक कोतवाली में हलचल रही। पुलिस को जानकारी लगी रवि रावलानी ने गोयनका ज्वेलर्स से सोना खरीदकर दोबारा किसी को बेचा है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में करीब आधा दर्जन लोगों से पूंछताछ की है।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस मामले में एसपी अभिनय विश्वकर्मा से बात की गई तो उनका कहना था कि अभी व्यस्त हैं, बाद में कुछ बता पाएंगे। उधर नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पचीसिया ने बताया कि साइबर फ्रॉड से जुड़ा यह बड़ा मामला में जिसमें जांच चल रही है।








