बड़ी खबर : म्यूल अकाउंट्स से लगभग 15 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा,17 को भेजा गया जेल, ऑनलाइन गेमिंग, साइबर फ्रॉड , सेक्सटॉर्शन वारदातों को ऐसे देते थे आरोपी अंजाम…
नरसिंहपुर, यशभारत l कुछ समय से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि जिला नरसिंहपुर अंतर्गत कुछ व्यक्तियों द्वारा आमजन को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर एवं बहला-फुसलाकर उनके बैंक खातों, पासबुक एवं एटीएम कार्ड की जानकारी प्राप्त की जा रही है। संबंधित व्यक्तियों द्वारा भोले-भाले लोगों को आर्थिक लाभ का लालच देकर उनके खातों के माध्यम से प्रदेश के बाहर से संचालित ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, साईबर फ्राड, सेक्सटॉर्शन के लिए बड़ी मात्रा में पैसों का अवैध लेन-देन किया जा रहा है साथ ही उनके बैंक खातों का उपयोग अपने अवैध कार्यों के लिए किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक ने शिकायतों को लिया गंभीरता से, जांच हेतु गठित की गई विशेष टीम
उक्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक, डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा प्रकरण की गहन जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम को तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए संबंधित व्यक्तियों, बैंक खातों एवं लेन-देन की जानकारी एकत्रित कर विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए।
अभी तक विवेचना के दौरान जिला अंतर्गत 180 खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में चिन्हित किया गया
गठित विशेष टीम द्वारा प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रकरणों की गहनता से जांच प्रारंभ की गई। जांच के दौरान टीम द्वारा तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए संदिग्ध बैंक खातों, मोबाइल नंबरों एवं ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जानकारी एकत्रित की गई।
जांच के दौरान पुलिस टीम द्वारा अभी तक विभिन्न बैंकों से संबंधित खातों का विवरण प्राप्त कर उनके माध्यम से किए गए लेन-देन का बारीकी से विश्लेषण किया गया। प्राप्त जानकारी के आधार पर खातों की कड़ी से कड़ी जोड़कर जांच की गई, जिससे यह तथ्य सामने आया कि कई व्यक्तियों के लगभग 180 बैंक खातों का उपयोग म्यूल अकाउंट के रूप में किया जा रहा था। उक्त सभी खातों में लेनदेन की कार्यवाही रोके जाने हेतु संबंधित बैंकों को पत्राचार किया गया है।
अभी तक लगभग 15 करोड रूपयों के अवैध लेन-देन का खुलासा :
जांच के दौरान अभी तक यह भी सामने आया कि इन खातों के माध्यम से जिला, प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर से संचालित ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, साईबर फ्राड, सेक्सटॉर्शन के जरिए लगभग 15 करोड़ रूपयों का अवैध लेन-देन किया गया है, जिससे साइबर ठगी से प्राप्त राशि को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कर छिपाने का प्रयास किया जाता था। प्रकरणों में अभी विवेचना जारी है।
इस प्रकार पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों की जानकारी एवं संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ी को जोड़ते हुए जांच की गई, जिसमें कुल 180 म्यूल अकाउंट्स के माध्यम से लगभग 15 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है।
अपराध करने का तरीका
आरोपी आमजन को छोटे-मोटे आर्थिक लाभ का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड एवं पासबुक प्राप्त कर उक्त खातों का उपयोग म्यूल अकाउंट के रूप में करते थे एवं साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म में जमा कर आरोपी उक्त राशि को अन्य खातों में ट्रांसफर कर या नकद निकालकर उपयोग कर लेते हैं।
नरसिंहपुर पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही के दौरान अभी तक 17 के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही कर जेल भेजा गया
वैधानिक कार्यवाही : उक्त सभी आरोपियों के विरूद्ध धारा 318 (4), 3 (5) बीएनएस के तहत प्रकारण पंजीवद्ध किया गया है।
कार्यवाही के दौरान रंजीत मेहरा निवासी बम्होरी, थाना सांईखेडा, धनश्याम साहू निवासी चारगांव खुर्द, थाना चीचली, गोविन्द ओझा निवासी लिंगा जैतपुर, थाना स्टेशनगंज, आकाश बैरागी निवासी लोकीपार, थाना स्टेशनगंज, याशवंत प्रजापति, निवासी पलोहा, सूरज वर्मा निवासी सालीचौका एवं सतीश जाटव निवासी सीहोरा के विरूद्ध सख्त प्रतिबंधात्क कार्यवाही भी की गयी है।
जप्ती : नरसिंहपुर पुलिस द्वारा अभी तक की गयी कार्यवाही के दौरान अभी तक 9 पासबुक, 4 एटीएम एवं 9 मोबाईल जप्त किए गए है।
विगत एक वर्ष में साईबर फ्राड के प्रकरणों में 45 लाख रूपये पर होल्ड लगबाया गया एवं 53 लाख रूपये खाता धारकों को लौटाए गए :* जिला अंतर्गत साइबर फ्रॉड से संबंधित प्राप्त शिकायतों पर गंभीरता से जांच करते हुए विगत 6 माह के दौरान प्रभावी कार्यवाही की गई। इस अवधि में साइबर फ्रॉड के प्रकरणों में लगभग 45 लाख रुपये की राशि पर होल्ड लगवाया गया तथा सतत प्रयासों के फलस्वरूप करीब 53 लाख रुपये की राशि पीड़ित खाता धारकों को वापस दिलाई गई।