बड़ी खबर : पटना पूर्णा एक्सप्रेस ट्रेन से उतारे गए डेढ़ सैकड़ा बच्चे, बिहार के अरैया से जा रहे थे लातूर, मामले की जांच में जुटी आरपीएफ

कटनी, यश भारत। रेल सुरक्षा बल एवं जीआरपी ने आज एक बड़ी कार्रवाई करते हुए डेढ़ सैकड़ा से अधिक नाबालिग बच्चों को पटना पूर्णा एक्सप्रेस ट्रेन से उतारकर अपने कब्जे में लिया है। सभी बच्चों को बिहार के अरैया से महाराष्ट्र के लातूर ले जाया जा रहा था। जानकारी के अनुसार बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों को सूचना मिली थी कि बिहार से बड़ी तादात में बच्चों को लातूर ले जाया जा रहा है। जिनके पास न तो टिकट है और न ही खाने पीने का समान। इस सूचना से जीआरपी और आरपीएफ को अवगत करवाया गया। खबर मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी की टीम तत्काल सक्रिय हो गई और प्लेटफार्म नम्बर 5 पर ट्रेन का इंतजार करने लगीं। जैसे ही ट्रेन आकर रुकी। वैसे ही सुरक्षा बलों ने ट्रेन को घेर लिया। बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों के साथ जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारियों ने ट्रेन के अंदर जाकर सभी बच्चों को ट्रेन से उतारा और आरपीएफ थाने लेकर आये। इन बच्चों को लातूर ले जा रहे सद्दाम नामक व्यक्ति ने बताया कि इन सभी बच्चों को मदरसा ले जाया जा रहा है, जो वहां जाकर 5 साल तक तालीम लेंगे। सद्दाम ने बताया कि वो टीचर हैं और पिछले 10 सालों से यह काम कर रहा है। चाइल्ड प्रॉटेक्शन ऑफिसर मनीष तिवारी ने बताया कि आरपीएफ को सूचना मिली थी कि कुछ बच्चों को बिहार से नादेड़ ले जाया जा रहा है। सूचना पर आरपीएफ और जीआरपी के साथ रेस्क्यू करते हुए बच्चों को ट्रेन से उतारा गया है और जांच की जा रही है। जांच के बाद ही सत्यता सामने आएगी। फिलहाल कुछ बच्चों को कटनी और कुछ को जबलपुर में रखा जा रहा है। आरपीएफ थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बाल कल्याण समिति की सूचना पर आरपीएफ के सहयोग से पटना पूर्णा एक्सप्रेस से करीब 167 बच्चों को उतारा गया है। बच्चों के साथ जो लोग हैं, उनसे पूछताछ की जा रही है। बच्चों से भी बातचीत की जा रही है। पूरे मामले की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।







