दमोह। अक्सर फिल्मों में आपने देखा होगा कि कागजों पर किसी को मृत घोषित कर दिया जाता है और वह जीवित साबित करने के लिए संघर्ष करता है। ठीक ऐसा ही वाकया दमोह जिले में सामने आया है। मंगलवार को हुई जनसुनवाई एक महिला के लिए सचमुच “पुनर्जन्म” साबित हुई।
ग्राम बिलाई निवासी महिला को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया था। पिछले दो साल से वे खुद को जीवित साबित करने के लिए विभागों के चक्कर काट रही थीं। आखिरकार जनसुनवाई ने उनकी जिंदगी बदल दी। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने उनकी समस्या सुनी और तुरंत अधिकारियों को जांच के आदेश दिए। जांच में पाया गया कि महिला का नाम गलती से मृत सूची में दर्ज हो गया था।
कलेक्टर कोचर ने निर्देश दिए कि तत्काल उनका नाम जीवितों की सूची में जोड़ा जाए ताकि वे शासकीय योजनाओं का लाभ ले सकें। साथ ही इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ निलंबन व अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश भी दिए।
महिला बेहद खुश नजर आईं। उन्होंने कहा कि इतने लंबे संघर्ष के बाद अब उन्हें अपनी पहचान वापस मिली है। कागजों में मृत घोषित होने के बाद फिर से जीवित होने का एहसास उनके लिए किसी “पुनर्जन्म” से कम नहीं है।यह मामला एक बड़ी सीख भी है कि दस्तावेजी गलतियां किसी की जिंदगी पर कितना गहरा असर डाल सकती हैं।
Back to top button