कटनीमध्य प्रदेश

प्रारंभिक जांच में दोषी शिक्षिका को बचा रहा प्रशासन, विभागीय जांच कराने की बजाए रोकी केवल एक वेतन वृद्धि, डीपीसी ने बना दिया हॉस्टल का वार्डन, डीईओ की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, बच्चों की उत्तर पुस्तिकाएं लिखने का मामला, अब फिर से हो रही मामले की जांच

कटनी, यशभारत। वैसे तो परीक्षाओं का आयोजन इसलिए किया जाता है, ताकि छात्र अपनी बुद्धि से इन परीक्षाओं को उत्तीर्ण कर आगे बढ़ सकें और अपना कॅरियर संवार सकें, लेकिन कटनी जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमे शिक्षिका ने ही बच्चों की उत्तरपुस्तिका लिख दी और जब गलती पकड़ में आई तो शिक्षा विभाग ने दोषी पाए जाने के बाद भी शिक्षिका पर कार्रवाई करने की बजाए उसे हॉस्टल का वार्डन बना दिया। मामले को लेकर शिक्षा विभाग एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। ऐसा भी नहीं है कि इस मामले की जांच नहीं हुई। जांच भी हुई। जांच अधिकारी ने शिक्षिका को बच्चों की उत्तर पुस्तिका लिखने का दोषी भी पाया, लेकिन शिक्षा विभाग इस जांच से संतुष्ट नहीं हुआ। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरि ने तो जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी न तो शिक्षिका को हॉस्टल से हटाया और न ही विभागीय जांच संस्थित की। उन्होंने मात्र एक वेतन वृद्धि रोककर अपने दायित्वों की इतिश्री कर दी। खास बात यह है कि डीईओ ने जिले के प्रशासनिक मुखिया और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर को भी अंधेरे में रखा। अब जब इस मामले की एक बार फिर शिकायत हुई तो जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी को एक पत्र लिखकर इस मामले की मूलनस्ती जिला पंचायत कार्यालय भेेजने के लिए कहा है।
दरअसल यह पूरा मामला नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्या छात्रावास में पदस्थ वार्डन श्रीमती कंचन खरे से जुड़ा हुआ है। ग्र्राम बडग़ांव निवासी गोविन्द लोधी, भरत लोधी एवं रामकिशोर ने 6 जून 2024 को एक शिकायत डीईओ को दी थी, जिसमे कहा गया था कि प्राथमिक शिक्षक कंचन खरे द्वारा वर्ष 2024 की वार्षिक परीक्षा में बच्चों की उत्तर पुस्तिकाओं में उत्तर लिखे गए हैं। शिकायत के आधार पर डीईओ ने प्राथमिक शिक्षक कंचन खरे को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उपस्थित होकर जबाव देने के लिए कहा। प्रकरण की जांच भी कराई गई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्राथमिक शिक्षक कंचन खरे के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित करते हुए इजहॉक मिंज प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हथकुरी को जांच अधिकारी एवं जी पी प्रजापति प्रधानाध्यपक शा.मा.शा. भरतपुर को प्रस्तुतिकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया।
बड़वारा बीईओ ने की जांच
बताया जाता है कि डीईओ द्वारा बड़वारा बीईओ को जांच का जिम्मा दिया गया है। बड़वारा बीईओ ने मामले की नए सिरे से जांच की। उन्होंने उत्तरपुस्तिकाओं की जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि उत्तर पुस्तिकाएं ढीमरखेड़ा विकासखंड में जमा हैं। उन्होंने ढीमरखेड़ा से उत्तर पुस्तिकाओं को मंगवाकर प्राथमिक शिक्षक कंचन खरे की लिखावट से मिलान कराया, जिसमे छात्रा रिया पहलवान, छात्र अनन्या, छात्र सौरभ, छात्र कृष्णा, छात्र प्रदीप, छात्र राजकुमार कीह उत्तरपुस्तिकाओं की लिखावट प्राथमिक शिक्षक कंचन खरे की लिखावट से मेल करती हुई मिली। जांच प्रतिवेदन में बीईओ ने साफ लिखा कि श्रमीती कंचन खरे पर लगाए गए आरोप सिद्ध होते हैं।
जांच से शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं, फिर दी शिकायत
प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उचित कार्रवाई नहीं करने से व्यथित होकर शिकायतकर्ता गोविन्द लोधी ने विगत 30 जनवरी को जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी को एक बार फिर शिकायत दी। शिकायत में कहा गया है कि श्रीमती कंचन खरे प्राथमिक शिक्षक सह वार्डन नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बडग़ांव के विरूद्ध की गई शिकायत पर बहुत ही कम दण्ड दिया गया है। इस प्रकरण पर कार्यालय डीईओ द्वारा उचित कार्यवाही नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय जांच में लेनदेन करते हुए नियमानुसार कार्यवाही न करते हुये डीईओ द्वारा 31 जनवरी को विभागीय जांच में शिक्षक श्रीमती कंचन खरे को दोषमुक्त किया गया। परिणाम स्वरूप कार्यालय कलेक्टर शिक्षा केन्द्र के आदेश पर बडग़ांव छात्रावास में वार्डन का प्रभार सौंप दिया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि डीईओ द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों और सीईओ को गुमराह करते हुए मामूली सजा बतौर वेतनवृद्धि रोक दी गई। शिकायतकर्ता गोविन्द लोधी ने मांग की है कि कंचन खरे प्राथमिक शिक्षक को वार्डन के पद से अलग कर अन्यंत्र पदस्थ किया जाए, ताकि बच्चों पर नकल जैसी गलत प्रवृत्ति के अभ्यस्थ न हो।
एसीईओ ने लिया मामले में संज्ञान
इस पूरे मामले में अब जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने डीईओ को एक पत्र लिखकर पूछा है कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस मामले में क्या-क्या कार्यवाही की गई है। कार्यवाही के संबंध में मूलनस्ती विशेष वाहक के हस्ते इस कार्यालय में भिजवाई जाए।
इनका कहना है
इस मामले की शिकायत आई है। शिकायत पर संज्ञान लिया गया है। शिकायतकर्ता ने कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच पुन: कराई जा रही है। डीईओ से पूरे मामले की फाइल बुलवाई गई है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
-अनुराग मोदी, एसीईओ
जिला पंचायत कटनी

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