प्रशासन की ‘नींद’ उड़ाने एनएसयूआई की निकलीं मशालें : “जागो सागर जागो” के नारों से थर्राया शहर

सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/शहर की सड़कों पर पसरी ठंडक आज उस समय मशालों व इंकलाबी नारों की गर्मी में बदल गई जब “जागो सागर जागो” अभियान के तहत NSUI जिलाध्यक्ष अक्षत कोठारी के नेतृत्व में युवाओं का सैलाब सड़कों पर उतर पड़ा। बढ़ती बेरोजगारी, बेलगाम अपराध और अफसरशाही के भ्रष्टाचार के खिलाफ निकाले गए इस मशाल जुलूस ने सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी है। यह प्रदर्शन केवल एक रैली नहीं, बल्कि सागर की उपेक्षा के विरुद्ध छात्रों का खुला विद्रोह बनकर सामने आया।
तीन बत्ती चौराहे से शुरू होकर राधा तिराहे तक निकला यह जुलूस जब मशालों की रोशनी से जगमगाया, तो हर तरफ प्रशासन के खिलाफ आक्रोश दिखाई दिया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि सागर अब मूकदर्शक बनकर अपनी बर्बादी नहीं देखेगा। जुलूस के दौरान गूंजते नारों ने यह साफ कर दिया कि यदि डॉ. हरिसिंह गौर को ‘भारत रत्न’ देने में और देरी हुई या अपराधों पर अंकुश नहीं लगा, तो शहर की सड़कों पर जनआंदोलनों का ज्वार उठेगा।
सभा को संबोधित करते हुए अक्षत कोठारी ने बेहद तल्ख लहजे में कहा, “आज सागर का युवा सड़कों पर ठोकरें खा रहा है और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि बंद कमरों में तमाशबीन बने हुए हैं। भ्रष्टाचार की दीमक सागर की जड़ों को खोखला कर रही है। यह मशाल जुलूस तो बस एक चेतावनी है, अगर समय रहते शासन नहीं जागा तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
इस शक्ति प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजकुमार पचौरी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. संदीप सबलोक और सेवादल अध्यक्ष शिल्टू कटारे ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर छात्रों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया। नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता की आवाज को दबाने की कोशिश करने वाली अफसरशाही को उखाड़ फेंकने का समय आ गया है।
प्रदर्शन में राहुल खरे, चैतन्य कृष्ण पांडे, जिला उपाध्यक्ष अम्बर खत्री, शहवाज कुरैशी, विश्वविद्यालय अध्यक्ष अंशुल शर्मा, कपिल तिवारी, प्रसून पटेल, देव पाठक, राहुल खटीक और ऋषि शुक्ला सहित भारी संख्या में जांबाज कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने अंतिम क्षण तक अपनी बुलंद आवाज से सागर की आवाज को शासन तक पहुँचाया।







