परिसीमन नहीं, वर्तमान वार्ड सीमाओं के आधार पर होंगे निकाय चुनाव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग चुनावी मोड पर

कटनी, यशभारत। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग अब चुनावी मोड पर आ गया है। नगरीय निकाय और पंचायतों की वर्तमान सीमाओं के आधार पर चुनाव होंगे। मतलब अगले वर्ष होने वाले चुनाव बगैर परिसीमन के होंगे। निकायों में जितने वार्ड हैं, उतने में ही चुनाव कराए जाएंगे। इसकी मुख्य वजह जनगणना 2026 है। यह काम अप्रैल से शुरू होने जा रहा है और एक साल तक चलेगा। परिसीमन के लिए करीब 6 माह का समय जिला प्रशासन को लगेगाए इसके चलते यह काम होना मुश्किल लग रहा है। निकाय और पंचायतों के चुनाव मई, जून में होने हैं, क्योंकि स्थानीय सरकार का कार्यकाल जून में समाप्त हो जाएगा।
भारत निर्वाचन आयोग के माध्यम से तैयार एसआईआर की मतदाता सूची का उपयोग मप्र राज्य निर्वाचन आयोग भी लोकल चुनाव में करेगा। सूची फाइनल होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग एक बार उसका समरी रिवीजन करेगा। इसके माध्यम से आयोग मतदाता सूची अपने अनुसार तैयार करेगा और नए मतदाताओं के नाम जोडऩे और बाहर करने का काम किया जाएगा। इन कामों में आयोग को तीन चार माह का समय लगेगा। मतदान की अधिसूचना मार्च.अप्रैल 2028 में जारी की जा सकती हैए इसके पहले मतदाता सूची पूरी तरह से तैयार हो जाएगी।
आयोग शुरू करेगा ट्रेनिंग
राज्य निर्वाचन आयोग मतदान कर्मियों की ट्रेनिंग का काम फरवरी से प्रारंभ कर देगा। इसमें कर्मचारियों को निर्वाचन कार्यक्रम और प्रक्रिया में आए बदलाव की जानकारी देगा। इस चुनाव में सबसे बड़ा बदलाव अध्यक्ष का सीधे चुनाव और पार्षदों के महापौर अध्यक्ष के खर्च की जानकारी आयोग को देना है। इसके अलावा चुनाव की सभी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
ईवीएम से होंगे पंचायत चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग आगामी पंचायत चुनाव ईवीएम के माध्यम से कराएगा। इसके लिए करीब डेढ़ लाख ईवीएम लगेंगे। आयोग के पास वर्तमान में करीब 55 हजार ईवीएम हैं। 75 हजार ईवीएम के लिए राज्य सरकार के पास डिमांड भेजी है। ईवीएम के बाद आयोग इस पर अंतिम निर्णय लेगा। आयोग की इसके पीछे की मंशा कागज के दुरुपयोग को रोकना और मतदान, परिणाम के कामों में समय बचाना है।







