पटरी पर उतरे ग्रामीण, रोकी रेल, तीन घंटे बाधित रहा कटनी-सिंगरौली रेलमार्ग, इंटरसिटी एक्सपे्रस के स्टापेज की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों पर मामला दर्ज

कटनी, यशभारत। कटनी-सिंगरौली रेलखंड के अंतर्गत भदौरा रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह 11 बजे जबलपुर इंटरसिटी एक्सपे्रस ट्रेन के स्थायी स्टॉपेज और शकरपुरा भदौरा रेलवे स्टेशन को पूर्ण स्टेशन का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर लोगों ने रेल रोको आंदोलन किया। हजारों प्रदर्शनकारियों ने पटरी पर उतर कर रेल यातायात बाधित कर दिया। आंदोलन की सूचना मिलते ही रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। रेल संघर्ष समिति ने कहा कि कोरोना काल में बंद की गईं चार पैसेंजर ट्रेनें अब तक बहाल नहीं हुई हैं। इससे गंभीर मरीजों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को जबलपुर, रीवा और अन्य बड़े शहरों तक पहुंचने में भारी कठिनाई हो रही है। यह मुद्दा केवल रेल सुविधा तक सीमित नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से भी जुड़ा है। इस आंदोलन में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इसे सर्वदलीय स्वरूप प्रदान किया है। महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने आंदोलन को और अधिक मजबूती दी है। समाजसेवी आनंद सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने एक मालगाड़ी को रोक दिया। बड़ी संख्या में महिला पुरुष, युवा और बुजुर्ग रेलवे पटरियों पर बैठ गए और कई लोग लेटकर विरोध दर्ज कराने लगे। आंदोलनकारी वर्षों से इंटरसिटी स्टॉपेज, स्टेशन मास्टर की पदस्थापना और पैसेंजर ट्रेनों की बहाली की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि रेल प्रशासन लगातार उनकी अनदेखी कर रहा है।
तीन घंटे तक बाधित रहा रेल मार्ग
शंकरपुर भदौरा स्टेशन स्थित लेवल क्रॉसिंग गेट क्रमांक 67 सी पर ग्रामीणों ने रेल रोको आंदोलन कर तीन घंटे तक रेल यातायात बाधित कर दिया। इस दौरान अप और डाउन दोनों लाइनों पर कई ट्रेनें प्रभावित रहीं। ग्रामीणों का कहना था कि स्टेशन होने के बावजूद यहां कई आवश्यक सुविधाओं का अभाव है, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। जिसको लेकर आंदोलनकारी लेवल क्रॉसिंग गेट के पास शांतिपूर्ण गांधीवादी तरीके से धरने पर बैठ गए। धरने की सूचना मिलते ही थाना मड़वास और कुशमी का पुलिस बल, जीआरपी जबलपुर, कटनी व सिंगरौली के अधिकारी.कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास किया।
एडीई एनकेजे के आश्वासन पर समाप्त हुआ आंदोलन
काफी प्रयासों के बाद एडीईएन कटनी जे पी पाठक मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों का ज्ञापन लिया और सीनियर डीईएन तथा सीनियर डीसीएम से मोबाइल पर चर्चा की। इसके बाद रेलवे अधिकारियों की ओर से व्हाट्सऐप के माध्यम से लिखित आश्वासन दिया गया कि ग्रामीणों की मांगों को रेलवे बोर्ड के समक्ष भेजा जाएगा। इस आश्वासन पर आंदोलनकारी सहमत हुए और रेलवे को 30 दिन का समय दिया। करीब 13.25 बजे धरना समाप्त हुआ और 13.30 बजे रेलवे ट्रैक खाली कराया गया। इसके बाद धीरे.धीरे रेल यातायात बहाल किया गया।
ये ट्रेनें रहीं प्रभावित
आंदोलन के कारण रेल यातायात को भारी नुकसान उठाना पड़ा। मालगाड़ी पीजेपीबी करीब 3 घंटे 8 मिनट तक विलंबित रही और 13.45 बजे रवाना हो सकी। गाड़ी संख्या 11448 शक्तिपुंज शक्तिपुंज.निवास रोड स्टेशन पर 10.11 बजे से 13.40 बजे तक खड़ी रही। इसी तरह गाड़ी संख्या 22168 बरगवां स्टेशन पर 12.31 बजे से 13.41 बजे तक रुकी रही। डाउन लाइन में गाड़ी संख्या 61603 मेमो मड़वास स्टेशन पर 11 बजे से 13.35 बजे तक खड़ी रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज
रेलवे प्रशासन के अनुसार आंदोलन के दौरान किसी प्रकार की रेल संपत्ति को नुकसान या जनहानि नहीं हुई। हालांकि रेलवे लाइन में अवैध प्रवेश कर रेल आवागमन बाधित करने के मामले में आनंद सिंह उर्फ ददुआ सहित कुल 11 नामजद तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धारा 174(2) एवं 147 रेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।







