नए वर्ष को यादगार बनाने जिले के पर्यटक स्थल पहुंच रहे लोग : प्राकतिक वातावरण का ले रहे आनंद

सिवनी यश भारत:-नए वर्ष के पहले दिन को यादगार बनाने जिले के धार्मिक और प्रकृति के बीच पिकनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इन स्थानों पर कोई अप्रिय घटना ना हो इसके लिए पुलिस चौकन्नी है। साथ ही शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले रहे लोग:-
वर्ष के पहले दिन को यादगार बनाने के लिए लोग मोगली की कर्मभूमि कहे जाने वाले अमोदागढ़ पहुंचे।जहां ऊंची पहाड़िया,गहरी खाई,नदी में कई स्थानों पर छोटे झरने,हरियाली, गुफाएं,सोना रानी महल के अवशेष होने के कारण बड़ी संख्या में लोग यहां पिकनिक मनाने पहुंचे। पयर्टकों के लिए पहाड़ी क्षेत्र में सेल्फी पाइंट बनाने के साथ वन विभाग ने कैफेटोरिया का निर्माण भी कराया हैं।जंगल में वन्यप्राणियों की मौजूदगी होने के कारण शाम होने के बाद यहां किसी भी पर्यटक को रूकने की इजाजत नहीं दी जाती है।शाम होने से पहले सभी पर्यटकों को जंगल से बाहर कर दिया जाता है।
पायली में प्राकृतिक सौंदर्य स्थल:-
जिले के घंसौर विकासखंड मुख्यालय से लगभग 18 किमी दूरी पर स्थित पायली में भी लोग वर्ष के पहले दिन को यादगार बनाने पहुंचे। जबलपुर, मंडला और सिवनी की सीमा के पास बरगी बांध के जलभराव क्षेत्र में स्थित पायली के खूबसूरत प्राकृतिक सौंदर्य के बीच लोगों को सुकून की अनुभूति हुई।चारों ओर जंगल से घिरे इस स्थल पर नर्मदा नदी पर टापू नुमा तीन अलग स्पाट, जो ऊंचाई पर बने गेस्ट हाउस से बेहद खूबसूरत दिखते हैं।करीब तीन किमी नीचे पक्के मार्ग से नर्मदा के करीब पहुंचा जा सकता है।बरगी बांध के बाद ये क्षेत्र और आकर्षक बन गया है।टापू के बीच एक अंग्रेजों के जमाने का मकान बना है।
यहां भी पहुंचे लोग:-
आज लोग छोटा भेड़ाघाट कहे जाने वाले जिले के सिद्धघाट, वैननंगा नदी के उदगम स्थल मुंडारा,मठ घोघरा,भीमगढ़ बांध समेत अन्य स्थानों पहुंचे।कटंगी रोड मार्ग पर आमागढ़ के पास स्थित पिकनिक स्थल अम्बामाई पहुंचे।यहां स्थित प्राचीन मंदिर में मातारानी के दर्शन के बाद लोगों ने यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का आंनद लिया।परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने यहां के दुधिया पानी के साथ प्राकृतिक सौंदर्य में साल के प्रथम दिन की शुरुआत की।इसके अलावा नगर से लगे वैष्णोदेवी धाम (सीलादेही) में श्रद्घालुओं की भीड़ रही। यहां विभिन्न सामग्रियों की दुकानों व प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठाने के साथ मां वैष्णोदेवी, मां दुर्गा, मां अन्नपूर्णा, पद्मनाभ स्वामी के दर्शन किए।इससे कुछ ही दूरी में पलारी गांव की पहड़ी में स्थित शनि मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्घालु पहुंचे।वहीं ड्यूटीघाट,गोशाला बांध, सोनावानी, मोर्चागढ़, पंडरापानी, नान्हीकन्हार, बावनथड़ी आदि पिकनिक स्थलों में दूर दूर से सैलानी पहुंचे।
धार्मिक स्थलों पर टेका माथा:-
जिले के धार्मिक स्थानों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर माथा टेका।प्राचीन आष्टा काली मंदिर, मुंडारा, डोंगरदेव, महाकालेश्वर व जिले के गुरु रत्नेश्वर धाम दिघोरी में स्थापित एशिया के सबसे बड़े स्फटिक शिवलिंग के दर्शन करने दूर-दूर से लोग पहुंचे।लखनादौन के मठघोघरा में प्राकृतिक सौंदर्य, झरने व पहाड़ी के बीच विराजमान शिवलिंग के श्रद्घालुओं ने दर्शन किए।इसके अलावा मातृधाम कातलबोड़ी, साईंपुरम, महाकालेश्वर धाम समेत अन्य स्थानों पर भी लोगों परिवार, मित्रों और परिचितों के साथ पहुंचे।







