मध्य प्रदेशराज्य

दो लाख क्विंटल धान खुले आसमान में : उठाव ना होने के चलते स्लाट तक नहीं हो रहे बुकिंग

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 डिंडोरीl जिले में नान विभाग की बदइंतजामी के चलते धान खरीदी केंद्र में किसानों और धान खरीदी केंद्र के संचालकों की जान हलक में है। पूरे जिले में धान खरीदी केंद्र से उठाव ना होने के कारण किसानों के स्लाट तक बुक नहीं हो रहे हैं जिसके चलते जिले के सैकड़ों किसान परेशान हैं जिले के अमरपुर जनपद के कोकोमटटा, समनापुर जनपद के पिपरिया, चांदरानी, मानिकपुर, बजाग जनपद के बजाग, आमाडोंगरी, लालपुर, करंजिया जनपद के गोरखपुर, परसेल, करंजिया धान खरीदी केंद्र के हालात बेहद खराब हो गये है

मोसम विभाग का एलर्ट, वहीं हजारों क्विंटल धान खुले आसमान में –

 जहां हजारों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़े हैं वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने भी एलर्ट जारी किया है और धान खरीदी केंद्र में पड़ी धान प्रशासन के दाबो की पोल खोल रहा है। धान का उठाव ना होने के चलते धान खरीदी केंद्र के संचालकों ने बताया कि धान के उठाव ना होने से सूख लग रही है जिससे हमको नुकसान हो रहा है जिसके चलते हम लोग खरीदी नहीं हो पा रही है, अनेक केंद्र में उठाव ना होने के चलते जगह की समस्या भी आ रही है। 

परिवहन के टेंडर प्रक्रिया में कोताही – जिले में इन दिनों 34 धान खरीदी केंद्रों में लगातार खरीदी का कार्य तेजी से किया जा रहा है ऐसे में खरीदी के बाद इसके केंद्रों से धान के परिवहन में की जा रही हीलाहवाली से जहां किसान, केंद्र प्रभारी परेशान हैं और हायतोबा मचा हुआ है तो कर वहीं नॉन के जिम्मेदारों द्वारा कमीशनखोरी कर अपने चहेतों को परिवहन का ठेका या देकर केंद्रों से धान के उठाव को लेकर बस, बेसुध हो गया हैं। यह बात हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जिले में धान खरीदी केंद्रों से धान के परिवहन करने के लिए टेंडर निकालकर ठेका दिया जाता है लेकिन इस बार टेंडर प्रक्रिया में पर हीलाहवाली से नॉन के जिम्मेदारों ने अपने चहेते को ठेका देकर धान परिवहन में अव्यवसथा मचा दी है। जिसके चलते 2 जनवरी की शाम तक मैदान स्तर के 19 केंद्र से कुल खरीदी गई 2 लाख 90 हजार , 729 क्विंटल धान में से 1 लाख 26 हजार 336 क्विंटल धान का ही परिवह किया जा सका है ऐसे में वर्तमान समय पर छाए काले बादलों ने खुले मैदानों में रखी धान पर सकेट के बादल मंडरा रहे हैं। परिणामस्वरूप धान का परिवहन न होने से 19 केंद्रों में खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी हुई है और हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं।

 सरकारी निर्देशों के अनुसार 20 जनवरी तक धान खरीदी की समय-सीमा निर्धारित की गई है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए यह समय-सीमा पूरी होती नजर नहीं आ रही है। बड़ा सवाल यह है कि यदि 20 जनवरी तक धान खरीदी नहीं हो पाती या बारिश के कारण किसानों की धान खराब हो जाती है तो इसकी जिम्मेवारी किसकी होगी। क्योंकि नॉन के जिम्मेदार परिवहन को लेकर कोई ठोस पहल नहीं कर रहे हैं।

इनका कहना है- 

परिहवन के लिए अन्य जिलों से वाहनों के लिए संपर्क किया जा रहा है। हमने इसको लेकर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है ताकि धान खरीदी को लेकर केंद्रों में किसानों को कोई समस्या नही होगी – अंजू पवन भदौरिया

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