रीवा यश भारत l रीवा में वन विभाग एक नई परेशानी से जूझ रहा है l
आपको बता दें कि पिछले कई दिनों से बांधवगढ़ से हाथी भरत हथनी के साथ घूमने निकला। उसने इस दौरान कई जिलों की सीमाएं नापीं। यूपी तक के जंगलों तक पहुंचा। वहां से लौटते हुए हनुमना मऊगंज जिला की राह पकड़ी फिर पहाड़ी का रास्ता पकड़ते हुए गुढ़ से गोविंदगढ़ पहुंचा। गोविंदगढ़ पहुंचे हाथी के जोड़े को तीन दिन हो गया। हाथी का जोड़ा अब यहां से आगे बढ़ ही नहीं रहा है। कभी मड़वा गांव तो कभी छुहिया घाट के ऊपर पहुंच कर घूम रहा है। हाथी के जोड़े को यहां की आबोहवा काफी पसंद आ रही। इसी वजह से वह पहाड़ चढ़ ही नहीं रहे हैं। वन विभाग निगरानी में आंखे सुजाए बैठा है। वनकर्मी परेशान हैं। बार बार छुहिया घाटी का रास्ता रुकवाया जाता है लेकिन हाथी रास्ता पार करने की जगह वापस लौट जाते हैं। यही सिलसिला बना हुआ है।
इसलिए रास आ रहा गोविंदगढ़
जिस जगह पर हाथी का जोड़ा रुका हुआ है। वह न तो गोविंदगढ़ का कोई गांव है और न ही छुहिया घाट का ऊपरी हिस्सा है। यह छुहिया घाटी से लगा हुआ निचला पहाड़ी का मैदान है। इसके पास ही तालाब और जंगल है। घूमने के लिए मैदान है। अब हाथी का जोड़ा दिन भर जंगल में आराम करता है और महुआ के पेड़ों की भरमार है। इसी का लुत्फ उठा रहे हैं। तालाब में पानी पी रहे हैं।
बार बार रोकना पड़ रहा ट्रैफिक
हाथी के जोड़े को वन विभाग के कर्मचारी छुहिया घाटी पार कराने में लगे हुए हैं। कई मर्तबा कोशिश की गई। हाथी जैसे ही छुहिया घाटी में ऊपर जाने के लिए पहुंचते हैं, तब तक ट्रैफिक रुक ही नहीं पाता। जब ट्रैफिक रुकता है, तब तक हाथी वापस लौट जाते हैं। यही सिलसिला पिछले तीन दिनों से चल रहा है। अब तक सफलता नहीं मिल पाई है।
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