…तो साढ़े 450 करोड़ में होगा जिले का शराब ठेका, लाईसेंस फीस में 20 प्रतिशत वृद्धि के साथ दुकानों का नवीनीकरण करने की तैयारी, वर्ष 2025-26 में 378 करोड़ में हुआ था शराब दुकानों का रिन्यूवल

कटनी, यशभारत। नया शराब ठेका एक अपै्रल से लागू होगा और इसके पहले सरकार नई आबकारी नीति तैयार करने में लगी हुई है। सूत्रों के मुताबिक कुछ दिनों में नई आबकारी नीति की घोषणा कर दी जाएगी। कटनी की बात करें तो वर्ष 2025-26 में कटनी जिले में शराब का ठेका लाईसेंस फीस में 24 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ हुआ था। यदि इस बार भी लाईसेंस फीस में 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ शराब दुकानों का नवीनीकरण किया जाता है तो इस स्थिति में शराब ठेकेदारों का क्या रूख होगा, यह देखने लायक रहेगा। वैसे भी पिछले साल महंगा शराब ठेका होने के कारण जिले में शराब की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला था। अब यदि एक बार फिर लाईसेंस फीस में 20 प्रतिशत की बढ़ोत्त्तरी की जाती है तो न केवल ठेकेदारों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है बल्कि शराब के दामों भी वृद्धि देखने को मिल सकती है। कटनी जिले की बात करें तो यहां 63 देशी-विदेशी शराब की दुकानें हैं और जिले में शराब का ठेका करीब 378 करोड़ में गया था। यदि इसमे 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ दुकानों का नवीनीकरण किया गया तो लाईसेंस फीस में 75 करोड़ का इजाफा होगा। इस तरह शराब के ठेके से सरकार को कटनी जिले से साढ़े 4 सौ करोड़ से अधिक का राजस्व मिलेगा लेकिन इस स्थिति में शराब की कीमतों में भी भारी भरकम उछाल देखने को मिल सकता है।
तीन मंत्री बना रहे नई आबकारी नीति
राजधानी स्थित सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार आबकारी नीति में बदलाव करने का मन बना रही है। तीन मंत्री मिलकर नई आबकारी नीति का प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं, जिसमें कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। यह भी पता चला है कि 111 साल पुराने नियम को बदलने के लिए मंत्रिमंडल समिति का गठन किया गया है। जो कि आबकारी नियमों में बदलाव का प्रस्ताव तैयार कर रही है और कैबिनेट में लाकर मंजूरी दी जाएगी। राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी नीति बनाने या उसे जुड़े मामलों में निर्णय लेने या सुझाव देने के लिए मंत्री परिषद का गठन किया है, जिसमें मंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री उदय प्रताप सिंह और मंत्री सम्पतिया उइके को सदस्य बनाया गया है। इसमें समिति के सचिव प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर रहेंगे। समिति द्वारा नई आबकारी नीति में सुझाव दिए जाएंगे। कमेटी द्वारा अवैध शराब परिवहन और जहरीली शराब को लेकर भी फैसला हो सकता है।
शिकायत पर नियंत्रण के लिए समिति करेगी फैसला
शहर और ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से शराब बेचे जाने की शिकायत पर नियंत्रण के लिए समिति फैसला लेगी। जिसमें संबंधित जिलों की अधिकारियों की जवाबदारी पर फैसला हो सकता है, साथ ही जहरीली शराब के कारण होने वाली मौतों से सरकार की छवि धूमिल होती है। इसके चलते समिति के द्वारा शराब की बिक्री प्रतिबंधित की जा सकती है।
धार्मिक शहरों में की जा चुकी है शराबबंदी
प्रदेश सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2025 को 17 धार्मिक शहरों समेत 19 जगहों पर शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था। यहां पर संचालित होने वाली 47 शराब की दुकानें बंद हुई थी। महेश्वर, मंडलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, उज्जैन, ओंकारेश्वर, दतिया, अमरकंटक और सलकनपुर समेत कई स्थानों पर पूर्ण रूप से शराबबंदी की गई थी।







