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तीन बार ‘तलाक’ कहकर घर से निकाला — महिला ने पति, सास और ननद पर दर्ज कराया दहेज प्रताड़ना का मामला

जबलपुर । अधारताल थाना क्षेत्र के अम्बेडकर कॉलोनी से एक अत्यंत चिंताजनक मामला सामने आया है, जहाँ एक नवविवाहिता को उसके पति ने तीन बार ‘तलाक’ कहकर घर से निकाल दिया। महिला का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग को लेकर लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

थाना अधारताल पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता निशा अंजुम (24 वर्ष), निवासी अम्बेडकर कॉलोनी, जबलपुर का विवाह वर्ष 2023 में मुस्लिम रीति-रिवाज से नवाजिस रहमान के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही उसके वैवाहिक जीवन में तनाव शुरू हो गया था। आरोप है कि पति नवाजिस रहमान के साथ-साथ उसकी सास शबाना बी और ननद नूरी दहेज की मांग को लेकर उसे बार-बार मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। कभी ताने मारना, तो कभी शारीरिक हिंसा करना, पीड़िता के अनुसार यह सब आम बात बन गई थी।

पीड़िता का कहना है कि 13 जुलाई 2025 को उसके पति ने उससे झगड़ा करते हुए हाथ-पैरों से बेरहमी से मारपीट की। अगले ही दिन यानी 14 जुलाई को रात करीब 9 बजे पति नवाजिस ने उसे तीन बार ‘तलाक’ कहकर घर से निकल जाने को कहा और दरवाजे से बाहर धकेल दिया। अकेली, असहाय और अपमानित निशा को उसी रात अपने मायके जाना पड़ा।

काफी मानसिक तनाव और डर के बावजूद हिम्मत जुटाकर निशा ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। अधारताल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पति नवाजिस रहमान, सास शबाना बी, और ननद नूरी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 498A (पति या पति के संबंधियों द्वारा स्त्री के साथ क्रूरता), दहेज निषेध अधिनियम तथा मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम) 2019 की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है।

लगातार सामने आ रहे हैं तीन तलाक के मामले
यह मामला न केवल दहेज जैसी सामाजिक बुराई की गहराई को उजागर करता है, बल्कि तीन तलाक जैसे संवेदनशील विषय की भी गंभीरता को सामने लाता है। सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों के बावजूद आज भी कई महिलाएं इस प्रकार की पीड़ा और अन्याय झेलने को मजबूर हैं। पीड़िता द्वारा उठाया गया यह साहसिक कदम उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने अधिकारों के लिए अब भी चुप हैं।

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