मध्य प्रदेशराज्य

जिले में सक्रीय हुआ मानसून,झमाझम बारिश से बढ़ा जल स्तर : खेत खलियान,फसलों को मिलेगा लाभ,23.4 डिग्री हुआ न्यूनतम तापमान

सिवनी यश भारत:-सिवनी जिले में कुछ दिनों से रूक-रूककर वर्षा हो रही है। जिले में पूरी तरह से मानसून सक्रिय होता दिख रहा है। कल सुबह झमाझम वर्षा के बाद दोपहर में आसमान साफ हो गया। लेकिन शाम को एक बार फिर वर्षा का दौर शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा। वर्षा से छतरियों व रेन कोट की बिक्री शुरू हो गई है। बाजारों में दुकानों पर प्रमुखता से छतरी व रेनकोट सज गए हैं व इन्हें अच्छी संख्या में ग्राहक मिल रहे हैं।जिलेभर रूक-रूककर झमाझम वर्षा का दौर जारी है। लगातार हो रही वर्षा से तापमान में भी गिरावट दर्ज हो रही है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 26.6 डिसे व न्यूनतम तापमान 23.4 डिसे दर्ज किया गया। अच्छी वर्षा से फसलों को लाभमिल रहा है। हांलाकि कुछ स्थानों में जल जमाव की समस्या भी सामने आ रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के विज्ञानियों ने जिले में कहीं-कहीं भारी वर्षा के पूर्वानुमान को देखते हुए खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था करने की सलाह किसानों को दी है।

कुरई विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहगांव सड़क में गुरुवार को हुई वर्षा से गांव की सड़कों में जल भराव की स्थिति बन गई। वहीं कुछ घरों में पानी घुस गया। मोहगांव निवासी बबलू सूर्यवंशी ने बताया कि दो वर्ष से ग्राम पंचायत मोहगांव में शिकायत की जा रही है, पर न नाली का निर्माण किया गया न ही वर्षा का पानी निकलने की कोई व्यवस्था की गई है, इसके कारण तेज वर्षा का पानी सड़क में दो फीट तक भर गया, जो घर में घुसने से गृहस्थी का सामान खराब होने व सांप बिच्छू घुसने का डर सता रहा है।वहीं समस्या पर जनपद उपाध्यक्ष हरदीप भाटिया का कहना है कि जल्द क्षेत्रवासियों की समस्या हल करने नाली निर्माण का कार्य कराया जाएगा।

जिले में खदानों से रेत की निकासी 30 जून तक जारी रहेगी। कलेक्टर संस्कृतिः जैन ने 25 जून को जारी आदेश में 30 जून की रात से एक अक्टूबर तक रेत खनन पर प्रतिबंध लगाया है। प्रतिबंधित अवधि में सभी रेत खदानों, नदियों व नालों से रेत की निकासी बंद रहेगी।
मध्य प्रदेश में वर्षाऋतु के लिए मानसून सत्र का निर्धारण 15 जून से 01 अक्टूबर तक किया गया है। इस दौरान नदियों से रेत खनन प्रतिबंधित रहता है। साथ ही जिले में रेत खनन पर रोक लगाने के संबंध में स्थानीय मौसम परिवर्तन के आधार पर वर्षाकाल अवधि में परिवर्तन किया सकता है। संचालक खनिजकर्म के निर्देशों के तहत मानसून की सक्रियता को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर संस्कृति जैन ने 30 जून से 101 अक्टूबर तक रेत के उत्खनन पर प्रतिबंध लगाया है।

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