जिलाध्यक्ष बने हैं वन मैन आर्मी, प्रदेश अध्यक्ष का फैसला न हो पाने से जिले में नहीं बन पा रही भाजपा की नई टीम, पुराने पदाधिकारी अब भी बने पावरफुल

कटनी, यशभारत। भाजपा संगठन में राष्ट्रीय और प्रदेश अध्यक्ष नियुक्ति के इंतजार में जिले की टीम भी अटकी पड़ी है। जिलाध्यक्ष की ताजपोशी तो हो गई लेकिन उनकी नई कार्यकारिणी नहीं बन पाने से पुराने पदाधिकारी अब भी पावरफुल बने हुए हैं। मंडलों में भी यही स्थिति बनी हुई है। आलम यह है कि ढाई-तीन महीने से जिलाध्यक्ष और मंडलों के अध्यक्ष ‘वन मैन आर्मी’ बने हुए हैं।
जिलों में टीम गठन को लेकर सभी जिलाध्यक्ष और मंडल अध्यक्षों को भोपाल के इशारे का इंतजार है। जिले की टीम में अपने कार्यकर्ताओं को एडजस्ट कराने के लिए सांसद-विधायक और वरिष्ठ नेताओं का प्रेशर भी बना हुआ है। प्रदेश में संभवतः यह पहला मौका है जब भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने के पहले ही संगठन के सभी 62 जिलाध्यक्षों का जनवरी में ही निर्वाचन हो गया। दिसंबर 2024 में मंडलों के अध्यक्ष बन गए थे। जिले में महामंत्री, उपाध्यक्ष और मंत्री सहित अन्य पदों के लिए एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति बनी हुई है। नए-पुराने सभी नेता अपने लोगों को टीम में रखने के प्रयास में लगे हैं। हालांकि कटनी की बीजेपी में पूरी तरह से वीडी शर्मा के समर्थकों का कब्जा है। जिलाध्यक्ष अभी पुरानी टीम से काम चला रहे हैं, जिनमें खुद अध्यक्ष से लेकर ज्यादातर पदाधिकारी वीडी समर्थक ही है। जिलाध्यक्ष रिपीट हो जाने से पुराने पदाधिकारी अब भी खुदको पदाधिकारी ही मानकर चल रहे हैं।
ब्लॉक इकाइयों के गठन के लिए 15 दिन में मांगे नाम
सूत्र बताते हैं कि ब्लॉक इकाइयों के गठन के लिए अगले 15 दिन में नाम मांगे गए हैं। सभी ब्लॉक अध्यक्षों को संदेश दिया गया है कि अपने क्षेत्र के विधायक से सहमति लेकर इकाई के नाम फाइनल कर जिलाध्यक्ष के पास भेजें। भाजपा द्वारा शुरू किए गए संगठन पर्व के तहत ब्लॉक अध्यक्षों के निर्वाचन की प्रक्रिया अपने निर्धारित शेड्यूल के हिसाब से पूरी हो गई थी। इस प्रक्रिया को पूरा हुए काफी समय बीत चुका है। सूत्र बताते हैं कि ब्लॉक इकाइयों के अध्यक्ष को यह संदेश दे दिया गया है कि अगले 15 दिन में ब्लॉक इकाई के गठन की प्रक्रिया को पूरा करने का कार्य करें। इन सभी से कहा गया है कि अपने क्षेत्र के विधायक से चर्चा कर पूरी ब्लॉक इकाई तैयार कर जिलाध्यक्ष को प्रस्तुत करें। संगठन की ओर से यह कोशिश है कि अप्रैल माह में सभी ब्लॉक इकाई का गठन हो जाए।
विधायक के भरोसे के हैं ब्लॉक अध्यक्ष
भाजपा द्वारा विभिन्न ब्लॉक में जो अध्यक्ष का निर्वाचन किया गया उसमें यह सुनिश्चित किया गया कि विधायक की पसंद का व्यक्ति ही ब्लॉक अध्यक्ष बने। भाजपा का संगठन ब्लॉक लेवल से ही संचालित होता है। ऐसे में यदि विधायक की विपरीत विचारधारा का व्यक्ति ब्लॉक अध्यक्ष बन जाता है तो फिर संबंधित विधानसभा क्षेत्र में संगठन की कार्रवाई को संचालित करना मुश्किल हो जाता है। अब जब ब्लॉक अध्यक्ष पद पर नियुक्त व्यक्ति विधायक की पसंद का है तो फिर ऐसे में ब्लॉक इकाई के गठन में भी कोई ज्यादा समस्या नहीं आएगी।







