क्रिकेट सट्टे की मास्टर आईडी से कमाए करोड़ों, कर्मचारी का बैंक में खाता खुलवाकर रकम को लगाया ठिकाने, कपड़ा व्यापारी सहित 3 गिरफ्तार, कांकेर तक फैला सट्टा नेटवर्क

कटनी, यशभारत। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के नाम पर करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन का बड़ा खुलासा करते हुए माधवनगर पुलिस ने कपड़ा व्यापारी योगेश बजाज सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कर्मचारी के नाम पर फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाकर 3 करोड़ 29 लाख रुपये से अधिक की रकम का हेरफेर किया। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने पत्रकारवार्ता में बताया कि 14 फरवरी को ग्राम जुहली निवासी अमित दाहिया ने माधवनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि वह नई बस्ती स्थित बॉम्बे ब्यूटीफुल साड़ी सेंटर में काम करता है। दुकान मालिक योगेश बजाज ने कैश लेनदेन का बहाना बनाकर उसके नाम से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए और सभी दस्तावेज अपने पास रख लिए। इन खातों का उपयोग कर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे से जुड़े करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया। शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने कर्मचारी अमित दाहिया के नाम से बंधन बैंक से लगभग 1.09 करोड़ एचडीएफसी बैंक के 2 खाते से 1.04 करोड़ से अधिक, आईडीबीआई बैंक से लगभग 59 लाख इस तरह कुल 3 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपये का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किया है।
कांकेर से मिली थी सट्टे की मास्टर आईडी
पूछताछ में आरोपी योगेश बजाज ने खुलासा किया कि उसने कांकेर छत्तीसगढ़ निवासी मनीष और रोहित से 20 प्रतिशत कमीशन पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे की मास्टर आईडी ली थी। कटनी में अलग-अलग लोगों के खातों के जरिए पैसा ट्रांसऊर कर कैश निकाला जाता था। अधिक कैश जमा होने पर हवाला के माध्यम से रकम मनीष और रोहित तक भेजी जाती थी।
5.52 लाख नकद, एटीएम चेकबुक और मोबाइल जब्त
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 5 लाख 52 हजार नगद, 3 चेकबुक, 3 एटीएम कार्ड, 1 पासबुक, मोबाइल फोन जब्त किया है। मोबाइल से कई संदिग्ध चैट ग्रुप और पैसों के हिसाब किताब के सबूत मिले हैं। अन्य खातों से 72 हजार कैश निकालकर भी जब्ती की गई। पुलिस ने अब तक इस मामले में योगेश बजाज, तरुण मोटवानी, अवधेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। छत्तीसगढ़ निवासी मनीषए रोहित सहित 4 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।
इनकी रही अहम भूमिका
कार्यवाही में निरीक्षक संजय दुबे, एनकेजे थाना प्रभारी रूपेन्द्र राजपूत, रंगनाथनगर थाना प्रभारी अरुण पाल सिंह, उप निरीक्षक योगेश मिश्रा, उपनिरीक्षक नवीन नामदेव, आरक्षक मणि सिंह, लोकेन्द्र सिंह, उमाकान्त तिवारी एवं सायसेल के आरक्षक अजय साकेत, शुभम गौतम, सतेन्द्र सिंह, चंदन प्रजापति, अमित श्रीपाल की सराहनीय भूमिका रही।







