केक काटकर मनाई यशभारत कटनी संस्करण की सालगिरह, आज शाम सुंदरकांड और महाआरती

कटनी, यशभारत। महाकोशल के सर्वाधिक प्रसारित लोकप्रिय सांध्य दैनिक यशभारत के कटनी संस्करण के गौरवपूर्ण 19 वर्ष पूर्ण होने और सफलतम 20वे वर्ष में प्रवेश के अवसर पर आज बरगवां द्वारका सिटी रोड स्थित कार्यालय में केक काटकर सालगिरह मनाई गई। इस अवसर पर यशभारत के स्थानीय संपादक आशीष सोनी, पत्रकार आशीष रैकवार, संजय खरे, कृष्ण कुमार ठाकुर, आलोक त्रिपाठी, शशिकांत दुबे, विनोद दुबे, अखिलेश दुबे, अजय महतो सहित अन्य सदस्यों की उपस्थिति रही। इसी कड़ी में आज 1 फरवरी को शाम 7 बजे से मेन रोड स्थित श्री सिद्धपीठ हनुमान मंदिर में सुंदरकांड पाठ, महाआरती का आयोजन किया गया है। यशभारत परिवार ने सभी स्नेहीजनों से आयोजन में पहुंचकर पुण्यलाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।
विश्वास, संघर्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता के 19 वर्ष
पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज का दर्पण और लोकतंत्र की मजबूत नींव है। यशभारत समाचार पत्र ने अपने 19 वर्षों के गौरवशाली सफर में इस भूमिका को पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभाया है। आज जब यशभारत अपने दो दशक पूरे कर रहा है, तो यह केवल एक अख़बार की वर्षगांठ नहीं, बल्कि पाठकों के विश्वास, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता का उत्सव है। स्थापना के आरंभिक दिनों में सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद यशभारत ने सत्य और जनहित को सर्वोपरि रखा। ग्रामीण अंचलों की समस्याओं से लेकर शहरी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजनीति, संस्कृति और खेल—हर क्षेत्र की आवाज़ को मंच देना यशभारत की पहचान बनी। आम नागरिक की पीड़ा, युवाओं की आकांक्षाएँ और समाज के दबे-कुचले वर्ग की समस्याएँ यशभारत के पन्नों पर प्रमुखता से स्थान पाती रहीं। तकनीक और समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य में भी यशभारत ने खुद को निरंतर अपडेट किया। आधुनिक मुद्रण तकनीक, आकर्षक प्रस्तुति और डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर कदम बढ़ाते हुए अख़बार ने नई पीढ़ी से भी मजबूत संवाद स्थापित किया। फिर भी, खबर की विश्वसनीयता और नैतिक मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया गया।
यशभारत की सबसे बड़ी ताकत उसके पाठक हैं, जिन्होंने हर उतार-चढ़ाव में अख़बार का साथ दिया। इसके साथ ही पत्रकारों, संपादकों, वितरकों और कर्मचारियों की टीम ने दिन-रात मेहनत कर इसे एक सशक्त समाचार पत्र बनाया। 19 वर्षों की यह यात्रा अतीत पर गर्व करने के साथ भविष्य के प्रति नई जिम्मेदारियों का एहसास कराती है। यशभारत आने वाले वर्षों में भी सच, साहस और समाजहित की मशाल जलाए रखते हुए जन-जन की आवाज़ बना रहे, यही कामना है।








