यशभारत डिंडौरीl डिंडोरी कलेक्टर इन दिनों लापरवाह अफसरों और कर्मचारियों को बिल्कुल भी नजरंदाज करने के मूड़ में नहीं है उनकी ताबड़तोड़ कार्यवाही के चलते बेपरवाह प्रशासनिक अमले में हड़कंप की स्थिति मची हुई है। एक ओर कलेक्टर जहां स्वयं जनहितैषी मुद्दों पर लगातार कार्य कर रही है वहीं दूसरी ओर लापरवाही अफसरों पर कार्यवाही करके लगातार प्रशासनिक सर्जरी कर रही है। ताजा मामला विकासखंड शहपुरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है जहां आयुष्मान प्रोत्साहन राशि में हुए फर्जीवाड़े तथा अनियमितताओं की जांच के दौरान जांच प्रभावित करने की आशंका तथा पारदर्शिता पूर्ण जांच के चलते डाक्टर सत्येन्द्र परस्ते को प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यभार से मुक्त करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेहंदवानी अटेच किया है वहीं डाक्टर रत्नेश द्विवेदी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहपुरा में प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यभार सोंपा है।
इसके अलावा डिंडोरी जिला अस्पताल में पदस्थ डाक्टर अजय राज अस्थि रोग विशेषज्ञ के द्वारा कार्य के प्रति लापरवाही के चलते सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक के पदभार से मुक्त करते हुए डाक्टर रमेश मरावी शिशु रोग विशेषज्ञ को तत्काल कार्यभार सोंपे जाने का आदेश दिया है।
वहीं दो दिवस पूर्व कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने परियोजना अधिकारी अयोध्या सिंह राठौर को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका भर्ती प्रक्रिया में अनाधिकृत रूप में राशि वसूले जाने का आडियो वीडियो वायरल होने तथा शिकायत प्राप्त होने की स्थिति में तत्काल प्रभाव से परियोजना अधिकारी को जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास कार्यालय डिंडोरी में अटेच किया गया है। वहीं मेहंदवानी के अब्दुल रफीक खान सहायक ग्रेड 3 द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका के नियुक्ति आदेश सोंपे जाने के दौरान तथा माता पिता की मृत्यु के दौरान आश्रित बालक बालिकाओं को प्रदाय की जाने वाली आर्थिक सहायता की राशि दिलाए जाने के लिए अभिभावकों से नगद व आनलाइन राशि वसूल किए जाने का आडियो वीडियो वायरल होने के चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। बता दें कि डिंडोरी कलेक्टर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के मामले में लगातार कार्यवाही कर रही है जिसके चलते जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
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