ऐसा रहा 2024 : बात-बात पर हुए कत्ल, रिश्ते भी तार-तार, अपराधों में कमी, बदमाशों में खाकी का खौफ नहीं

कटनी, यशभारत ( आशीष रैकवार )। बिदा ले रहे वर्ष 2024 में भले ही अपराधों में कमी आई हो, लेकिन आंकड़े यह बताने के लिए काफी है कि बदमाशों में अब खाकी का खौफ नहीं रह गया है। चाकूबाजी, बमबाजी और लूटपाट की वारदातें पूरे साल होती रहीं। इन वारदातों से शहर का अमनपसंद नागरिक खौफजदा रहा। पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी चोरी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा। हत्या की वारदातों में जरूर कमी आई। साल 2023 में जहां हत्या की 35 वारदातें हुई थी तो साल 2024 में यह आंकड़ा 23 है। पुलिस को हत्या की इन वारदातों का खुलासा करने में सफलता भी मिली, लेकिन जिस तरह से ये वारदातें घटित हुई है, उससे कहीं न कहीं पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया है। मामूली बात पर कत्ल कर दिए गए। रिश्ते भी तार-तार हुए। कुठला में मैनेजर को ईंट भट्ठे में जिंदा जलाने की घटना सबसे ज्यादा सुर्खियों में रही। उमरियापान में भाई ने भाई का ही खून बहा दिया तो विजयराघवगढ़ में 4 वर्ष के मासूम बालक की हत्या करने से भी हाथ नहीं कांपे। स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में यूपी के बदमाशों और एनकेजे क्षेत्र में जल जीवन मिशन के ठेकेदार की मामूली बात पर हत्या की वारदात हुई। नवंबर के महीने तक कत्ल की 19 वारदातों से पुलिस राहत की सांस ले ही रही थी कि दिसम्बर में एक के बाद एक लगातार तीन हत्याओं ने पुलिस की शाख पर बट्टा लगा दिया।
हत्या की 23 वारदातें, दिसंबर में एक के बाद एक तीन कत्ल से सनसनी
साल 2024 पुलिस विभाग के लिए संतोषजनक रहा। पुलिस के नाम कई उपलब्धियां दर्ज हुई तो कई मामलों में पुलिस की शाख पर बट्टा भी लगा। लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी करने में पुलिस सफल रही। हत्या के आंकड़ों की बात करेंं तो पिछले सालों की तुलना में इस साल हत्या की वारदातों में गिरावट दर्ज की गई है। साल 2024 में 23 हत्या की वारदातें घटित हुई और पुलिस ने सभी मामलों का खुलासा करते हुए आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे किया। बीते सालों बात करें तो 2022 में 26 और 2023 में हत्या की 35 वारदातें घटित हुई थी। 2024 में हत्या की कई ऐसी गंभीर वारदातें भी हुई, जिसने पुलिस के समक्ष चुनौती भी पेश की। ज्यादातर मामले ऐसे रहे, जिनका पर्दाफाश करना पुलिस के लिए आसान नहीं था लेकिन पुलिस ने न केवल इन मामलों का खुलासा किया, बल्कि आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। कुठला में ईंट भट्ठे में मैनेजर को जिन्दा जलाने की घटना के आरोपियों को पुलिस ने चंद घंटों की गिरफ्तार किया। इसी तरह स्लीमनपबाद में उत्तरप्रदश से कटनी लाकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। पुलिस आरोपियों को उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार कर कटनी ले आई।
चोरी के 42 प्रतिशत मामलों का खुलासा
जिले में साल 2024 में घटित चोरी की कुल 137 वारदातों में से पुलिस ने 42 प्रतिशत वारदातों का पर्दाफाश किया है। इन वारदातों में आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए मसरूका बरामद किया गया, जबकि गृहभेदन के मामले में पुलिस को ज्यादा सफलता हाथ नहीं लगी। गृहभेदन के कुल 82 मामलों में से पुलिस केवल 29 प्रतिशत मामलों का ही खुलासा कर सकी। इस साल डकैती की दो वारदातें हुई और पुलिस दोनों ही मामलों में आरोपियों को पकडऩे में सफल रही। लूट के तीन में से 2 मामले में आरोपी पकड़े गए। जिले की पुलिस ने डकैमी में 8 लाख 90 हजार, लूट में 91 लाख 81 हजार, चोरी में 68 लाख 7 हजार 466 और गृहभेदन में 79 लाख 62 हजार 631 रूपए का मसरूका बरामद किया।
किस्सू, राहुल और मनीष की गिरफ्तारी
55 हजार के इनामी तीन जिलों के मोस्ट वांटेड आरोपी किस्सु उर्फ किशोर तिवारी को कटनी पुलिस ने श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या से गिरफ्तार किया। किस्सू के विरूद्ध कटनी जिले में विभिन्न थानों में 20 अपराध एवं जबलपुर के कोतवाली थाने में 1 अपराध एवं इंदौर जिले के थाना तुकोगंज में 1 अपराध सहित कुल 22 अपराध पंजीबद्ध थे। इसी तरह 1 जून को पुलिस ने 20 हजार के इनामी बदमाश राहुल बिहारी को गिरफ्तार किया। राहुल बिहारी के विरूद्ध गंभीर धाराओं के 22 अपराध पंजीबद्ध थे। इसी तरह मनीष जायसवाल उर्फ यादव के विरूद्ध हत्या, हत्या का प्रयास, गवाहों को डराने-धमकाने, आम्र्स एक्ट, अवैध मादक पदार्थ विक्रय करने संबंधी गंभीर धाराओं के 26 अपराध पंजीबद्ध थे। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेजा।
डकैती की 2 और लूट की 3 वारदातें
गंभीर वारदातों की बात करें तो साल 2024 में जिले में डकैती की 2 और लूट की 3 वारदातें घटित हुई हैं, जबकि बीतें सालों की बात करें तो 2022 और 2023 में डकैती की एक-एक और लूट की 3 और 6 वारदातें घटित हुई थी। डकैती की तैयारी करते हुए पुलिस ने दो मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जागरूक करने साल भर चले अभियान, सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने किए गए प्रयास
सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात नियमों का जागरूकता अभियान चलाया गया। दुर्घटना स्थल को चिन्हित कर ब्लैक स्पॉट बनाये गये। सुरक्षा नियमों के संबंध में बैनर एवं होर्डिंग लगाए गए तथा यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध यातायात नियमों के तहत भी कार्यवाही की गई। स्कूल, कॉलेजो में सडक़ दुर्घटना से बचाव के जागरूकता अभियान चलाये गये। यातायात थाना प्रभारी राहुल पांडे ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विमलेश गुप्ता के साथ बैठक कर शहरी बाजार में सेन्ट्रल पार्किंग को खत्म कर सुव्यविस्थत, सुगम यातायात के लिए सुधार का प्रयास किया, साथ ही शहरी क्षेत्र में ऑटो चालको हेतु ईवन-ऑड सिस्टम के अंतर्गत तीन जोन में विभक्त किया गया, जिससे जाम की स्थिति ना बने। इसके अलावा यातायात पुलिस द्वारा सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 6 मिनट की शॉर्ट फिल्म बनवाकर इसे मॉल में प्रदर्शित कराया जा रहा है। इसके अलावा लोगों को हेलमेट पहनकर और सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने की हिदायत दी गई।
सीएम हेल्पलाईन के निराकरण में मिली सफलता
सीएम हेल्पलाईन के अंतर्गत प्राप्त आमजनों से शिकायतों के निराकरण के लिए जिले में अनुभाग एवं जिला स्तर पर कैम्प लगाकर तथा समय-समय पर लगातार मॉनीटरिंग कर शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि के आधार पर शिकायतों का निराकरण किया गया है, जिससे कटनी पुलिस जनवरी 2024 से लेकर दिसम्बर 2024 तक प्रदेश स्तर पर ए ग्रुप में मुख्यत: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय रैंक में ही रहा।
पारधी समाज को मुख्यधारा से जोडऩे के चली मुहिम
पारधी समाज को मुख्य धारा में जोडऩे के लिए एसपी अभिजीत रंजन स्वयं ही पारधियों के डेरे में पहुंचे एवं अवैधानिक गतिविधियों से दूर रहने एवं राज्य शासन द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में जानकारी देकर बच्चों में पढ़ाई के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूल जाने हेतु प्रेरित किया।
महिला संबंधी अपराध : दुष्कृत्य के 38 और छेडख़ानी के 58 मामले
जिले में महिला संबंधी अपराधों में कमी आई है। पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि पिछले सालों की तुलना में इस साल महिलाओं पर होने वाले अपराधों का ग्राफ नीचे आया है। जिले में इस साल थानों में महिला संबधी कुल 532 अपराध पंजीबद्ध हुए हैं। बीतें बरसों की बात करें तो साल 2022 में कुल 688 और साल 2023 में 696 मामले सामने आए थे। जिले में इस साल 5 महिलाओं की हत्या हुई है, जबकि बीते सालों में यह आंकड़ा अधिक था। 2022 में 9 और 2023 में 6 हत्या की वारदातें हुई थी। हत्या के प्रयास की एक वारदात घटित हुई है। महिलाओं से मारपीट के मामले की बात करें तो इन घटनाओं में साल भर में 30 महिलाओं को साधारण और 8 महिलाओं को गंभीर चोटें आई है। पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि छेड़खानी और दुष्कृत्य की घटनाओं में भी कमी दर्ज की गई है। बीतें वर्षो की तुलना में इस वारदातों में गिरावट देखने को मिली है। जानकारी के मुताबिक इस साल छेडख़ानी के 58 मामले दर्ज हुए, जबकि 38 के साथ दुष्कृत्य की घटनाएं घटित हुई हैं। बीतें सालों में यह आंकड़ा इस साल से कहीं अधिक है। 2022 में 97 और 2023 में 89 मामले छेडख़ानी के दर्ज हुए थे। इसी तरह 2022 में 49 और 2023 में 55 मामले दुष्कृत्य के सामने आए हैं।
अपहरण के मामले में बढ़ोत्तरी
अपहरण के मामले इस साल आश्चर्यजनक रूप से बढ़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक साल 2024 में जिले में अपहरण के कुल 220 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए पतासाजी करते हुए गुमशुदा और अपहरित किशोरियों की दस्तयाबी में सफलता दर्ज की है। इसके लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर ऑपरेशन मुस्कान अभियान भी संचालित किया, जिसका नतीजा यह रहा कि ज्यादातर मामलों में दस्तयाबी करने में पुलिस सफल रही। आंकड़ों के मुताबिक 2022 में 208 और 2023 में 189 मामले पंजीबद्ध़ हुए थे।
दहेज के लिए फिर प्रताडि़त हुई महिलाएं
दहेज के लिए प्रताडऩा और आत्महत्या के लिए प्रताडऩा देने के मामले पिछले सालों की तुलना में इस साल भी बढ़े हैं। आंकड़ों पर गौर फरमाएं तो इस साल दहेज की मांग को लेकर प्रताडि़त किए जाने के 59 मामले सामने आए, जबकि 2022 और 2024 में 63-63 मामले दर्ज हुए थे। इसी तरह दहेज मृत्यु के 11 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए, जबकि 2022 में 13 और 2024 में 5 मामले सामने आए थे। आत्महत्या के लिए प्रताडि़त किए जाने के मामलों में गिरावट आई है। इस साल केवल 5 मामले दर्ज हुए, जबकि 2022 में 15 और 2024 में 12 प्रकरण दर्ज हुए थे।
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान तीन महीने तक अलर्ट मोड पर रही पुुलिस
साल 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान तीन महीने तक जिले की पुलिस अलर्ट मोड़ पर रही, जिसके चलते इस साल कोई बड़ी वारदात घटित नहीं हो पाई। जनवरी से लेकर दिसम्बर तक पुलिस के अपराधिक आंकड़े बता रहे हैं कि इस साल हत्या के साथ ही हत्या के प्रयास, गृहभेदन, चोरी, बलात्कार एवं गंभीर किस्म के अपराधों में कमी आई। इन वारदातों का पर्दाफाश करने में भी पुलिस को सफलता हाथ लगी। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता और कॉम्बिंग गश्त के दौरान आम्र्स एक्ट, आबकारी एक्ट, जुआ एक्ट एवं पुलिस एक्ट के तहत कार्यवाही की गई।
जिले में अमन चैन कायम रहे, कानून व्यवस्था बनी रहे : पुलिस अधीक्षक
जिले में बीते सालों की तुलना में इस साल अपराधों में कमी आई है। हत्या के सभी मामलों का खुलासा किया गया है। गंभीर किस्म के फरार अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। कॉम्बिंग गश्त के माध्यम से लगातार पेट्रोलिंग करते हुए अपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने का प्रयास किया गया है। जनसुनवाई के माध्यम से लोगों की शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। सीएम हेल्पलाइन में कटनी जिला टॉप रेंकिंग में है। हमारा प्रयास है कि कटनी में अमन चैन कायम रहे और कानून व्प्यवस्था बनी रहे। -अभिजीत कुमार रंजन, पुलिस अधीक्षक








