मध्य प्रदेशराज्य

आवासीय बस्ती में बन रहा गैस प्लांट : नक्शे की कम्पाउंडिंग के लिए नगर निगम ने जारी किया डिमांड नोट

सतना। आवासीय इलाके के बीचोंबीच बीपीसीएल का गैस प्लांट बन रहा है। क्षेत्रवासियों की आपत्ति और सुरक्षा संबंधी गंभीर सवालों को दरकिनार करते हुए नगर निगम नक्शे की कम्पाउंडिंग कर पास करने की तैयारी में जुट गया है। यह प्लांट वार्ड क्रमांक 16 की सघन बस्ती के पास बनाया जा रहा है, जहां 200 से 300 मीटर की दूरी पर स्कूल, मदरसा, आंगनवाड़ी केंद्र और एक स्मारक पार्क भी स्थित है।

नियम-कायदों से बचने ‘पीछे के दरवाजे’ की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, नगर निगम ने नक्शा पास करने की पूर्व प्रक्रिया में जो आवेदन निरस्त कर दिए थे, अब उन्हें कम्पाउंडिंग शुल्क लेकर पास करने की योजना बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि टीएनसीपी से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) मिल चुका है, जिसे आधार बनाकर नगर निगम ने संबंधित भूमि स्वामी को डिमांड नोट भी जारी कर दिया है।

पहले दो बार खारिज हो चुका है आवेदन
पूर्व पार्षद शैलेन्द्र दहायत के अनुसार, 31 मार्च 2025 को भूमि स्वामी ने पहली बार नक्शे का आवेदन किया था। इसके बाद 7 मई को बीपीसीएल द्वारा दूसरा आवेदन किया गया, जिसे भी ऑनलाइन निरस्त कर दिया गया। अब नगर निगम द्वारा कम्पाउंडिंग चार्ज लेकर नक्शा पास करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

सुरक्षा पर उठे सवाल
पूर्व पार्षद शैलेन्द्र दहायत ने बुधवार को नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा और जनहित में इस नक्शे को पास न करने की मांग की। उन्होंने बताया कि यह गैस प्लांट एलसीएनजी/पीएनजी स्टोरेज यूनिट के रूप में स्थापित हो रहा है, जोकि आवासीय क्षेत्र के अत्यंत समीप है। बीच में केवल नेशनल हाईवे है, जबकि 200-300 मीटर के दायरे में मदरसा, आंगनवाड़ी केंद्र, पार्क और एक नदी भी मौजूद है। उन्होंने यह भी बताया कि प्लांट की बाउंड्री रेलवे की शासकीय जमीन तक फैली है।

आयुक्त का पक्ष
नगर निगम आयुक्त शेर सिंह मीना ने कहा कि,
“पहले जो आवेदन निरस्त हुए थे, उनमें कुछ तकनीकी कमियां थीं। अब जब टीएनसीपी से अनुमति मिल गई है, तो चार्ज जमा होने के बाद नक्शा पास किया जाएगा।”

पूर्व पार्षद ने जताई आपत्ति
पूर्व पार्षद शैलेन्द्र दहायत ने तीखी प्रतिक्रिया दी,
“पहले आवेदनों को टीएनसीपी की अनुमति न मिलने पर निरस्त किया गया था, अब वही अनुमति आधार बनाकर नगर निगम कम्पाउंडिंग के जरिए नक्शा पास करने जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया जनभावनाओं और सुरक्षा मानकों के खिलाफ है।”

स्थानीय लोगों का विरोध जारी
गौरतलब है कि इससे पहले भी, 31 दिसंबर 2024 को क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा नगर निगम को लिखित आपत्ति पत्र सौंपा गया था, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इस गैस प्लांट का निर्माण नहीं रोका गया, तो वे व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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