डिंडोरीl जिले में पिछले 2 महिने से परेशान शिक्षकों को राहत प्रदान की गई है l मध्य प्रदेश शासन के जनजाति कार्य विभाग मंत्रालय भोपाल ने डिंडोरी कलेक्टर और तत्कालीन एसी के द्वारा तीन प्राचार्य , 12 उच्च माध्यमिक शिक्षक, युक्त युक्तीकरण के तहत क्रमशः 156, 280, 438 शिक्षकों के अलग अलग आदेश के तहत थोकबंद स्थानान्तरण पर वैधानिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
तत्काल प्रभाव से निरस्त
इतना ही नहीं डिंडोरी कलेक्टर और तत्कालीन एसी के द्वारा 139 छात्रावास में किए गए पदस्थापना के आदेश को भी मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। वहीं जनजातीय कार्य विभाग मंत्रालय भोपाल ने तत्काल प्रभाव से आगामी प्रकिया को लेकर डिंडोरी कलेक्टर को निर्देश दिए गए कि उपरोक्त पत्रानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। जिसके तारतम्य में सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग ने समस्त विकास खंड शिक्षा अधिकारी को मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश के प्रतिपालन में निर्देश किया जिसमें उक्त आदेश का त्वरित पालन करते हुए तत्काल विभागीय कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने आदेश किया है।
शिक्षकों ने व्यथा सुनाई
बता दें कि पिछले 2 महिने से लगभग 1000 शिक्षकों का नियम विरुद्ध स्थानान्तरण होने के चलते शिक्षक परेशान रहे जिसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते, विधायक ओमकार मरकाम, भाजपा शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने भारी विरोध किया। ज्ञापन और विरोध के बाद भी अनेक शिक्षक परेशान नजर आए जिसके बाद 15 अगस्त को प्रभारी मंत्री प्रतिमा बागरी से समस्त शिक्षकों ने मिलकर अपनी व्यथा सुनाई l
इस पूरे मामले में शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने मोर्चा संभाला और न्याय दिलाने सड़क, से लेकर भोपाल तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसके बाद ही मध्यप्रदेश शासन के जनजाति कार्य विभाग ने कलेक्टर के समस्त आदेश को निरस्त कर दिया है।
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