डिंडोरी,बजाग l लापरवाही के मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लगातार सवालों के घेरे में है यहां पदस्थ बीएमओ की मनमानी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा सी गई है अस्पताल में आए दिन मरीजों को सही समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने से इलाज में असुविधा हो रही है ग्रामीणों द्वारा लगातार की जा रही शिकायतो के बावजूद हालात नहीं सुधर रहे जिसे लेकर लोगो में असंतोष पनप रहा है। सोमवार को अस्पताल की लचर व्यवस्था को लेकर नगर के ग्रामीणों ने बीएमओ की शिकायत स्थानीय प्रशासन से की हैl
वहीं ताजा घटना के अनुसार सर्पदंश से पीड़ित एक 12 वी की छात्रा की मौत का मामला सामने आया है जहां परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप लगाए है lबताया गया है कि पीड़िता के इलाज के दौरान अस्पताल के डॉक्टर देखने तक नहीं आए।अस्पताल में ड्यूटीरत स्टॉफ के द्वारा बार बार बीएमओ को फोन लगाया गया।परंतु उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया। पीड़िता की हालत बिगड़ते देख अस्पताल प्रबंधन को उसे रेफर करने की मजबूरी बन गई। आखिरकार जिला अस्पताल ले जाते समय पीड़ित बालिका की मौत हो गई । सर्पदंश के किसी भी मामले में सावधानी बरतने और लापरवाही नही किए जाने के जिला प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भी स्थानीय अस्पताल में अव्यवस्थाओं का सिलसिला बदस्तूर जारी हैl
घटना के अनुसार गाड़ासरई थानांतर्गत ग्राम भुसंडा में रहने वाली 18 वर्षीय अमितेश्वरी मरावी पिता संतोष मरावी को सर्पदंश के चलते एंबुलेंस के माध्यम से समय पर शनिवार की सुबह लगभग साढ़े पांच और छ बजे के बीच इलाज हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया।जहा अस्पताल में मौजूद नर्स के द्वारा तत्काल इलाज शुरू किया गया।जरूरी दवाइयां और इंजेक्शन दी गई। पीड़ित बालिका की हालत धीरे धीरे बिगड़ते जा रही थी।स्टॉफ नर्स ने इस मामले की जानकारी अस्पताल के डॉक्टर को फोन के माध्यम से देनी चाही परंतु कई बार कॉल किए जाने के बाद भी अपने कमरे में बैठे डॉक्टर ने स्टॉफ का फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।घटना की तहरीक के लिए स्थानीय पुलिस भी अस्पताल पहुंची उनके द्वारा भी डॉक्टर से संपर्क साधने का प्रयास किया गया ।परंतु डॉक्टर ने उनका फोन भी रिसीव नहीं किया। पीड़िता की हालत और ज्यादा बिगड़ने लगी।आखिरकार लगभग एक घंटे के इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल के लिए रिफर कर दिया गया जहां रास्ते में बालिका की जान चली गई।
परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप:
मृतिका के पिता संतोष मरावी और मामा विजय कुमार परस्ते के अनुसार बच्ची अमितेश्वरी कच्चे झोपड़ीनुमा मकान में अपनी दादी के साथ एक ही कमरे में सोई हुई थी शनिवार सुबह चार बजे बालिका ने बाएं हाथ में सर्प काटने की जानकारी दी ।जिसके बाद देर न करते हुए 108 एंबुलेंस को कॉल किया गया।समय पर वाहन भी पहुंच गया ।लगभग पांच बजे बच्ची को अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। स्टॉप नर्स व पुलिस के द्वारा फोन कॉल पर डॉक्टर को बार बार जानकारी देनी चाही गई ।परंतु डॉक्टर ने फोन नहीं उठाया।परिजनों का कहना है कि अस्पताल में कोई भी डॉक्टर नहीं था जो हमारी बच्ची को देखने आता। डॉक्टर के नहीं आते देख नर्स ने रिफर कर दिया। परिजनों के अनुसार अगर समय पर डॉक्टर आ जाते और सही इलाज मिल जाता तो बच्ची की जान बच सकती थी। इस घटना के बाद व्यथित गरीब माता का रो रो कर बुरा हाल है इस तरह की घटना की दोबारा पुनरावृति न हो इसलिए उन्होंने लापरवाह डॉक्टर पर कार्यवाही की मांग की हैl
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