जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

नैक निरीक्षण में गलती न हो इसके लिये रादुविवि ने विशेषज्ञ बुलाए पर्दे से परीक्षा तक कुछ ठीक किया जा रहा

जबलपुर,। कर्ज से जूझते रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय को अंतिम आस केन्द्र सरकार ने मिलने वाली ग्रांट से है। यह ग्रांट कितनी होगी, इसका पैâसला नैक की रेटिंग और रैंटिंग के आधार पर होगा। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीयू) में राष्ट्रीrय मुल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) का १८ जून से तीन दिवसीय दौरा प्रस्तावित है। इस निरीक्षण को सफल बनाने के लिये १ महीने से विश्वविद्यालय के कुलपति से लेकर चपरासी तक जुटे हुये हैं। पर्दों के कलर से लेकर पार्विंâग की व्यवस्था तक, पेंडिंग परीक्षाओं के निपटाने से लेकर अघोषित परिणामों की घोषणा तक रादुविवि प्रबंधन हर बिन्दू पर काम कर रहा है, जिसके वजह से नम्बर कम हो सकते हैं। तीन दिनवसीय निरीक्षण में कोई गलती न हो, इसके लिये रादुविवि प्रबंधन ने फाईनल के पहले सेमिफाईनल का आयोजन किया। रादुविवि में निरीक्षण की मॉक ड्रिल की गई। इंदौर से आए विशेषज्ञों ने गुरुवार और शुक्रवार नैक की नीतियों और गाईडलाईन के हिसाब से रादुविवि में निरीक्षण किया। विशेषज्ञ ने गुरूवार को तीन विभागों का निरीक्षण किया था। फिर शुक्रवार को शेष विभागों का निरीक्षण किया गया।
विभागवार निरीक्षण…
प्रो. राकेश वाजपेयी ने बताया कि नैक टीम १८ जून को आरडीयू आ रही है। तीन दिवसीय निरीक्षण में टीम भौतिक सत्यापन करेंगी। एसएसआर में विश्वविद्यालय ने अपना डेटा सौंप चुका है। अब प्रस्तुतिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस काम में सहायता के लिए इंदौर से आए डॉ. रूपेश शुक्ला की मदद ली जा रही है। शुक्रवार को उनके द्वारा तैयारियों का आंकलन किया गया। वही नैंक टीम के समक्ष कैसे प्रेजेंटेशन दिया जाना है उस संबंध में उचित सलाह दी गई। शुक्रवार को विभागवार निरीक्षण किया जा गया।

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