यात्रियों की जान संकट में डालने वालों के विरुद्ध आरपीएफ की कार्रवाई, ट्रेनो में पत्थरबाजी करने वाले 43 आरोपी गिरफ्तार

जबलपुर यशभारत। ट्रेनों में पत्थरबाजी कर यात्रियों की जान संकट में डालने के विरुद्ध आरपीएफ ने न केवल शिकंजा कसा है बल्कि इस मामले में 43 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया एवं रेलवे न्यायालय के तहत कार्रवाई की गई। इस संबंध में पश्चिम मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने जानकारी में बताया कि भारतीय रेलवे के संरक्षित परिचालन और यात्रियों की सुरक्षा हेतु पत्थरबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल द्वारा प्रभावशील कदम उठाये जा रहे है। इन घटनाओं ने न केवल रेल यातायात को प्रभावित किया है। बल्कि यात्रियों की जान को भी संकट में डाला है। इसी कड़ी में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), पश्चिम मध्य रेल ने भी पत्थरबाजी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं। रेल सुरक्षा बल पमरे द्वारा वर्ष 2024 में रेल गाडियों में पत्थरबाजी करने वाले 43 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उन्हे रेलवे न्यायालय के तहत कार्यवाई की गयी है।
आरपीएफ ने यह कदम उठाए गए
* विशेष गश्त और निगरानी की जा रही है।
* सीसीटीवी कैमरों की तैनाती बढ़ी गयी।
* सुरक्षा बलों टीम में समन्वय स्थापित किया गया है।
* संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त चौकसी बढ़ाई गयी।
* यात्री जागरूकता अभियान चलाया गया।
* कानूनी कार्रवाई और सजा का प्रावधान। एवं रेल अधिनियम की धारा 152 और 153 के तहत यह सजा तय की गई है। जिसमें पत्थरबाजी करने वाले अपराधियों को आजीवन कारावास या दस वर्ष तक के कारावास की सजा हो सकती है। रेलवे सुरक्षा बल यात्रियों से अपील की है कि वे अपने आसपास की स्थिति पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक कृत्य के बारे में तुरंत आरपीएफ या स्थानीय पुलिस को सूचित करें।







