जबलपुर

जर्जर आवासो में रहने पर मजबूर पुलिस कर्मी: आईजी जांच कर प्रतिवेदन दें-  मानव अधिकार आयोग

 

जबलपुर,यशभारत। शहर में पुलिस कर्मियों को जर्जर शासकीय आवासो में रहना पड़ रहा है। एक तरफ जी-प्लस सेवन जैसी हाईराइज बिल्डिंग में पुलिस कर्मियों को रहवास उपलब्ध कराया जा रहा हैं तो वहीं दूसरी तरफ खंडर, टूटे-फूटे, जर्जर खपच्चियों पर टिके पुलिस आवास भी है, जहां पर कई पुलिस कर्मियों के परिवारों को जीवन व्यतीत करने में मजबूर है। पुलिस के जवानो का कहना है कि आवास के मैंटेनेंस नहीं होने के कारण आवास जर्जर स्थिति में आ गये है और कभी भी कोई भी बड़ा हादसा या जनहानि हो सकती हैं, फिर भी उन्हें और उनके परिवार को मजबूरी वश ऐसे जर्जर मकानों में रहकर कई तरह की कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा ने बताया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार के आधार पर मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग की मुख्यपीठ भोपाल में प्रकरण पर सुनवाई करते हुए, अध्यक्ष मनोहर ममतानी व सदस्य राजीव कुमार टंडन ने मानव अधिकारों के हनन का मामला मानकर, जबलपुर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक से मामले की जांच कराकर, पुलिस कर्मियों के आवास गृहों की जीर्णशीर्ण/जर्जर अवस्था को मानवीय दृष्टिकोण रखते हुये शीघ्र समाप्त कर उन्हें सम्मानजनक/गरिमाणूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया है।

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