भोपालमध्य प्रदेश

PM मोदी की बैठक में दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल ने ऐसा क्या किया कि शिवराज भी हुए नाराज़

भोपाल. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के साथ हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के रवैये को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj) ने नाराज़गी ज़ाहिर की है. केजरीवाल ने बैठक का लाइव टेलिकास्ट कर दिया. शिवराज ने इसकी तीखी निंदा की.

शिवराज सिंह ने अपने बयान में कहा प्रधानमंत्री के साथ 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों की हाई लेवल इंटरनल बैठक थी. उसमें कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए राज्यों से सुझाव लिए जाने थे. रणनीति तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण चर्चा होनी थी. इस हाई लेवल इंटरनल बैठक का दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लाइव टेलिकास्ट कर दिया. सुझाव देने के स्थान पर केंद्र सहित अन्य राज्यों पर आरोप लगाने शुरू कर दिए, जो बेहद अनुचित और प्रोटोकॉल का उल्लंघन है. यह बेहद निंदनीय कृत्य है.

पद की गरिमा
सीएम शिवराज ने लिखा कि केजरीवाल जी आपके इस कृत्य से आप की असंवेदनशीलता उजागर होती है. आप राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति कितने गंभीर हैं, आपके इस आचरण से पता चलता है. आप स्वयं एक संवैधानिक पद पर हैं, आपने अपने पद की गरिमा को भी धूमिल किया है.

बैठक का लाइव टेलिकास्ट

इस बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए थे. कुछ मुख्यमंत्रियों ने राजनैतिक मत भिन्नता होते हुए भी अपनी बात रखी. अपने सुझाव दिये और अपने राज्यों के अभिनव प्रयोग भी साझा किये. लेकिन अरविंद केजरीवाल ने बैठक का सीधा प्रसारण कर दिया जिस पर पीएम मोदी ने भी नाराज़गी जाहिर की. हालांकि बाद में अरविंद केजरीवाल ने अपने इस रवैये पर खेद जाहिर किया.

शिवराज ने कहा यह राजनीति का समय नहीं
सीएम शिवराज ने अपने बयान में कहा है मैं भी 14 साल से मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर रहा हूं. मैं प्रधानमंत्री के साथ अनेक बैठकों में शामिल हुआ हूं. लेकिन कभी ऐसा गैर-जिम्मेदाराना कृत्य नहीं किया. सदैव प्रधानमंत्री जी की गरिमा का सम्मान किया. मैं तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ भी बैठक में शामिल हुआ, वैचारिक मतभेद होने के बाद भी उनका सम्मान किया. प्रधानमंत्री पद की गरिमा का हमेशा ख्याल रखा. केजरीवालजी यह संकट का समय है, यह समय राजनीति का नहीं; बल्कि राष्ट्रीय एकता का परिचय देने का समय है. धैर्य और गंभीरता के साथ अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए कोरोना की विषम परिस्थितियों से हम सबको निपटना है.

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