शांति नगर में आधी रात टूटा बिजली का खंभा: पूरी कॉलोनी अंधेरे में डूबी, बड़ा हादसा टला

जबलपुर, कल देर रात जबलपुर के शांति नगर, गली नंबर 4 में एक बड़ा हादसा होते-होते बाल-बाल बच गया। एक तेज रफ्तार वाहन की जोरदार टक्कर से मुख्य सड़क पर लगा एक बिजली का खंभा टूटकर गिर गया, जिसके परिणामस्वरूप पूरे शांति नगर इलाके की बिजली आपूर्ति पूरी रात ठप रही। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी भी तरह की जान-माल की हानि नहीं हुई, लेकिन क्षेत्र के सैकड़ों निवासियों को भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में पूरी रात अंधेरे और बिजली कटौती की परेशानी झेलनी पड़ी।
नागरिकों की पुरानी चिंता हुई सच
शांति नगर के निवासी लंबे समय से क्षेत्र में लगे बिजली के खंभों की जर्जर हालत को लेकर चिंतित थे। उन्होंने कई बार बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन से इन खंभों को बदलने या उनकी मरम्मत कराने की गुहार लगाई थी, यह आशंका जताते हुए कि कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। मंगलवार रात उनकी यह आशंका भयानक तरीके से सच साबित हुई, जब एक अनियंत्रित वाहन ने सीधे बिजली के खंभे को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि खंभा जड़ से टूटकर सड़क पर आ गिरा।
रात भर बिजली गुल, बढ़ी लोगों की परेशानी
खंभा गिरते ही पूरे शांति नगर क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। रात के समय अचानक बिजली जाने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। गर्मी और उमस के कारण लोग अपने घरों में चैन से सो नहीं पाए। मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया, जिसने परेशानी को और बढ़ा दिया। सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा को लेकर थी, क्योंकि अंधेरे में चोरी या अन्य आपराधिक गतिविधियों का डर बना रहता है। हालांकि, सबसे राहत की बात यह रही कि खंभा गिरने के दौरान आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़े जानलेवा हादसे को टाला जा सका।
स्थानीय लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद शांति नगर के निवासियों में गहरा रोष है। उन्होंने बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं और तुरंत टूटे हुए खंभे को बदलने तथा क्षेत्र में अन्य जर्जर खंभों की मरम्मत करने की मांग की है। निवासियों ने जिला प्रशासन से टक्कर मारने वाले वाहन और उसके चालक की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही भरी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उम्मीद है कि बिजली विभाग इस घटना से सबक लेगा और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाएगा, ताकि शांति नगर और शहर के अन्य हिस्सों में ऐसी अप्रिय घटनाएँ दोबारा न हों।







