जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

मेडिकल  कॉलेज  में बड़े बाबू ने बांट दिए फर्जी टीचिंग अनुभव प्रमाण पत्र!

डीन ने कहा गड़बड़ी हुई है तो कार्रवाई भी निश्चित होगी

जबलपुर, यशभारत। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में बड़े बाबू का कारनामा उजागर हुआ है। बाबू ने ऐसे एक ऐसी नर्स को अनुभव प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया है जो उस लायक नहीं थी। जब यह मामला सामने आया तो मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया है। हालांकि इस मामले में डीन डॉक्टर नवनीत सक्सेना ने गंभीरता से लिया और संबंधित बाबू को पूछताछ के लिए बुलाया है।
सूत्रों का कहना है कि नर्सिंग स्टाफ की जिम्मेदारी संभालने वाली एक नर्स को टीचिंग अनुभव प्रमाण पत्र देकर प्रोफेसर लेवल का बना दिया गया है। जबकि अन्य नर्स योग्यता रखने के बाबजूद अनुभव प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं कर पा रही है। बताया जा रहा है कि नर्सिंग ऑफीसर साल २०१३ में वार्डन थी परंतु बड़े बाबू ने उस वक्त का टीचिंग अनुभव प्रमाण पत्र जारी कर दिया। एक चर्चा ये भी है कि अनुभव प्रमाण पत्र की अनुशंसा प्राचार्य द्वारा की जाती है परंतु बाबू ने एक मेट्रन की अनुशंसा पर नर्सिंग ऑफीसर को अनुभव प्रमाण पत्र जारी कर दिया।

हॉस्टल के रिकार्ड में हेरफेर किया

सूत्रों का कहना है कि नर्सिंग ऑफीसर के पास साल २०१३ में वार्डन की जिम्मेदारी थी उस वक्त के रजिस्टरों में वार्डन ने हेरफेर कर खुद को टीचिंग प्रमाण पत्र के लायक बना लिया। लेकिन इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब जूनियर नर्सों को इसकी जानकारी लगी उन्होंने हंगामा करते हुए कहा कि उनके पास टीचिंग का अनुभव बाबजूद उन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा है, संबंधित नर्सिंग ऑफीसर योग्यता नहीं रखती है और बाबू ने उन्हें प्रमाण पत्र दे दिया।

2012 से 2014 के बीच नर्सिंग की पढ़ाई फिर टीचिंग कैसे

बताया जा रहा है कि संबंधित नर्सिंग ऑफीसर साल २०१२ से लेकर २०१४ तक नर्सिंग की पढ़ाई विजय नगर स्थित एक कॉलेज से कर रही थी फिर ऐसी स्थिति में वह २०१३ में टीचिंग कैसे कर सकती है। जबकि बाबू ने २०१३ में टीचिंग करने पर अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया है। बताया जा रहा है कि इस तरह के कई प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।

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