दुर्गा अष्टमी पर हुआ महापूजन, उमड़ा भक्ति का सैलाब

दुर्गा अष्टमी पर हुआ महापूजन, उमड़ा भक्ति का सैलाब
– जगह जगह हुए धार्मिक आयोजन, वाजपेयी नगर में हुई महाआरती
भोपाल यशभारत। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर महाअष्टमी के अवसर पर राजधानी भोपाल में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिरों और दुर्गा पंडालों में मां दुर्गा के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। जगह-जगह हवन, महापूजन और कन्या भोज का आयोजन किया गया। राजधानी की दुर्गा उत्सव समितियों ने अष्टमी के दिन विशेष आयोजन किए। नवयुवक उत्सव समिति, तीन मंजिला पुलिस लाइन, जहांगीराबाद पिछले 25 वर्षों से लगातार दुर्गा उत्सव मना रही है। समिति द्वारा हवन और कन्या भोज का आयोजन किया।
मित्र मंडल दुर्गा उत्सव समिति, पुरानी विधानसभा शास्त्री मार्केट में विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। इसी तरह श्री नव दुर्गा उत्सव समिति, दुर्गा चौक,भेल क्षेत्र की दुर्गा समिति में भी आकर्षक झांकियां सजाई गईं। कोहेफिजा, लालघाटी, अरेरा कॉलोनी, शाहजहानाबाद, एमपी नगर, बरखेड़ा पठानी, दस नंबर, न्यू मार्केट, पिपलानी क्षेत्र के पंडालों में विशेष महापूजन और धार्मिक अनुष्ठान हुए। समितियों ने इस मौके पर देवी भजनों, दांडिया और गरबा की प्रस्तुतियां भी कराईं, जिसमें बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं शामिल हुईं।

मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब
अष्टमी के दिन राजधानी के प्रमुख मंदिरों महामाई मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, भवानी मंदिर और बीरबाबा मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। भक्त सुबह से ही कतार में खड़े होकर माता का दर्शन कर रहे थे। कई जगहों पर भक्तों ने माता के दरबार में चुनरी, नारियल, हलवा-पूरी और फल अर्पित किए। प्रशासन और पुलिस ने भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए विशेष इंतजाम किए थे।
कन्या पूजन का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार महाअष्टमी और महानवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए श्रद्धालुओं ने छोटी कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन किया। उन्हें भोजन कराया और उपहार स्वरूप चुनरी, चूड़ी व उपहार भेंट किए। महिलाओं ने घरों में खास पकवान बनाकर कन्याओं को आदरपूर्वक भोजन कराया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
दुर्गा महोत्सव के तहत राजधानी के कई इलाकों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। देर शाम तक भजन संध्याएं, दांडिया और गरबा के कार्यक्रम आयोजित किए गए। बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक इन कार्यक्रमों में भाग लिया। ढोल-नगाड़ों और देवी गीतों से देर रात तक शहर का माहौल भक्तिमय बना रहा।







