मंदिरों की पूजन सामग्री अब बनेगी अगरबत्ती और खाद, जबलपुर में हुई नई पहल
The worship material of temples will now be made into incense sticks and fertilizer, a new initiative in Jabalpur

मंदिरों की पूजन सामग्री अब बनेगी अगरबत्ती और खाद, जबलपुर में हुई नई पहल
जबलपुर, शहर में अब मंदिरों से निकलने वाली पूजन सामग्री का उचित और सम्मानजनक उपयोग किया जाएगा। महापौर जगत बहादुर अनु ने एक नई योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत पूजन सामग्री को कचरे में फेंकने की बजाय, उससे अगरबत्ती और जैविक खाद बनाई जाएगी। और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
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कैसे काम करेगी यह योजना?
नगर निगम ने इस काम के लिए दो विशेष सीएनजी-ई-वाहन चलाए हैं। ये वाहन रोज़ाना शहर के अलग-अलग मंदिरों से फूल और अन्य पूजन सामग्री इकट्ठा करेंगे। इस सामग्री को बलदेव बाग में बने कंपोस्ट प्लांट में ले जाया जाएगा। प्लांट में सामग्री को अलग-अलग छाँटा जाएगा। फूलों को साफ करके, स्थानीय स्वच्छता समूहों की महिलाएँ उनसे खुशबूदार अगरबत्तियाँ बनाएँगी। वहीं, बची हुई सामग्री से उच्च गुणवत्ता वाली ऑर्गेनिक खाद तैयार की जाएगी, जिसमें कुछ खास एंजाइम मिलाए जाएँगे।

महापौर ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपनी पूजन सामग्री को नर्मदा नदी या तालाबों में न डालें। इसके बजाय, वे इसे अपने पास के मंदिरों में छोड़ दें, जहाँ से निगम के ये वाहन इसे इकट्ठा कर लेंगे। यह योजना निश्चित रूप से जबलपुर को एक स्वच्छ और आत्मनिर्भर शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।







