देशमध्य प्रदेश

26 मई को ब्लडमून बन जायेगा फ्लावर सुपरमून, जानिये चंद्रग्रहण के बारे में रोचक तथ्‍य

 होशंगाबाद। बुद्ध पूर्णिमा को चारू चंद्र की चंचल किरणें अलग-अलग देशों में अलग-अलग रंगों में बदलती नजर आयेंगी। इस दिन पूर्णचंद्रग्रहण की घटना होने के कारण भारतीय समयानुसार दोपहर 4 बजकर 43 मिनिट से 14 मिनिट के लिये ऑस्‍ट्रेलिया में चंद्रमा तांबिया तश्‍तरी के रूप में दिखने लगेगा तो शाम होते होते कोलकाता में चंद्रमा आंशिक चंद्रग्रहण के कारण मंद रोशनी से उदित होगा।

मध्यप्रदेश में 7 बजकर 19 मिनिट तक उपछाया ग्रहण

विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में 7 बजकर 19 मिनिट तक उपछाया ग्रहण होने से इसकी चमक में हल्की गिरावट महसूस होगी, लेकिन उसके बाद रात भर सुपरमून के रूप में चांदनी बिखेरेगा। इस दिन चंद्रमा पृथ्वी के पास होने से 30 प्रतिशत अधिक चमकदार दिखेगा।

..तो इसे चंद्रग्रहण कहा जाता है

ग्रहण के बारे में वैज्ञानिक तथ्य बताते हुए केंद्र सरकार का नेशनल अवार्ड प्राप्‍त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू का कहना है कि जब चंद्रमा को चमकाने वाले सूरज और चंद्रमा के बीच जब पृथ्वी आ जाती है और चंद्रमा पर अंधेरा हो जाता है तो इसे चंद्रग्रहण कहा जाता है। बुधवार 26 मई को पूर्णचंद्रग्रहण होने जा रहा है। 26 मई को ब्लडमून बन जायेगा फ्लावर सुपरमून।

इस साल दो चंद्रग्रहण और दो सूर्यग्रहण

सारिका ने बताया कि इस साल दो चंद्रग्रहण और दो सूर्यग्रहण होंगे जिनमें से यह पहला चंद्रग्रहण है। इस दिन चंद्रमा सुपरमून के रूप में रहेगा इसलिये यह सुपरमून इकलिप्‍स है। दिन में ग्रहण की घटना होने के कारण भारत में पूर्णग्रहण को तो नहीं देखा जा सकेगा, लेकिन समाप्‍त होते ग्रहण की घटना मध्यप्रदेद्गा में उपछाया ग्रहण पेनुम्ब्रल इकलिप्‍स के रूप में घटित होगी। उपछाया ग्रहण को खाली आंखों से महसूस नहीं किया जा सकता है।

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