जबलपुरमध्य प्रदेश

2.04 लाख रुपए लूट का खुलासा:72 घंटे में पुलिस ने लुटेरों को दबोचा, चार लुटेरों ने दिया था वारदात काे अंजाम

तिलवारा और क्राइम ब्रांच की टीम का खुलासा, शराब ठेकेदार के कलेक्शन एजेंट से हुई लूट का खुलासा

यशभारत, जबलपुर।   शराब ठेकेदार के कर्मियों से दो दिन पहले हुई दो लाख 4 हजार रुपए लूटकांड का पुलिस ने खुलासा कर लिया। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को दबोचा है। आरोपियों के पास से छीना गया एक लाख 81 हजार रुपए पुलिस ने जब्त किए। शेष रकम आरोपियों ने खर्च कर दिया। आरोपियों से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त दो दोपहिया वाहन भी जब्त किए।

बढ़ैयाखेड़ा चरगवां निवासी छोटू उर्फ छोटेलाल पटेल (32) और उसका फुफेरा भाई अजय पटेल (30) शराब ठेकेदार आशीष शिवहरे के यहां कलेक्शन एजेंट हैं। दोनों बाइक से बुधवार को चरगवां देसी व अंग्रेजी, बिजौरी व बरखेड़ा की शराब दुकान से बिक्री का दो लाख चार हजार रुपए कलेक्शन कर शहर में आशीष शिवहरे के रामपुर आदर्श नगर घर पर जमा करने करने जा रहे थे।

चरगवां-तिलवारा बार्डर पर लूट की वारदात को दिया अंजाम
चरगवां क्षेत्र की सीमा समाप्त कर तिलवारा थाना क्षेत्र की सीमा में 50 मीटर आगे डगरा-हिनौता पुलिया के पास पहुंचे थे। तभी पीछे से एक बाइक सवार दो बदमाश आए।

एक ने रुपए से भरा बैग छीन लिया। तेजी से बाइक मोड़कर दोनों भागने लगे कि अचानक उनकी बाइक गिर पड़ी थी। बदमाशों को पकड़ने के लिए छोटेलाल व अजय मुड़े, लेकिन तब तक दोनों फुर्ती से उठे और बाइक खड़ी कर चरगवां की ओर फरार हो गए थे। पीड़ितों ने राहगीर सुशील व जानकी महाराज के साथ बदमाशों का पीछा किया, लेकिन वे हाथ नहीं आए। छोटू पटेल की शिकायत पर तिलवारा पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर जांच में लिया था।

सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
बरगी सीएसपी रवि चौहान के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज और बदमाशों के हुलिए के आधार पर मामले में जोधपुर पड़ाव निवासी संजू उर्फ संजय उर्फ सारंग अहिरवार, शास्त्री नगर निवासी जित्तू उर्फ जितेंद्र यादव, जोधपुर पड़ाव निवासी दीपक लोधी व अजय यादव को गिरफ्तार किया| चारों आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त दो बाइक और एक लाख 81 हजार 900 रुपए जब्त किए। शेष रकम बदमाशों ने खर्च कर देना बताया।

संजू है इस गैंग का सरगना, उसी ने रची थी लूट की साजिश
चारों लुटेरों में संजू की रिश्तेदारी कुंडम क्षेत्र के अंधार गांव में है। सबसे पहले उसे दबोचा गया। पूछताछ के बाद दीपक, अज्जू उर्फ अजय यादव और जित्तू उर्फ जितेंद्र के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना बताया। संजू ने बताया कि उसे पता था कि शराब दुकान का पैसा रोज ऑफिस में जमा करने दोनों कर्मी जाते हैं। इसी के आधार पर लूट की साजिश रची गई थी। जित्तू की बाइक लेकर वह दीपक के साथ निकला था। पैसा कलेक्ट करने के साथ ही वह दोनों कर्मियों के पीछे लगे थे।

लूट के बाद भाग गया था कुंडम
दोनों ने हिनौता नाला के पास पीछा कर लूट की वारदात को अंजाम दिया। भागते समय बाइक सहित गिर गए थे। संजू की चप्पल मौके पर गिर गई थी। वहां से दोनों तिखारी हार पहुंचे। वहां अज्जू और जित्तू को बुलाया। 94 हजार 90 रुपए दीपक ने रख लिए। पांच हजार रुपए व बाइक जित्तू को दिया। इसके बाद अज्जू के साथ उसकी बाइक से बरेला होते हुए अपने मामा बेड़ीलाल यादव के घर अंधार कुंडम पहुंचा। एक हजार रुपए उसने अज्जू को पेट्रोल भराने दिया। और शेष 1 लाख दो हजार रुपए बैग में रखकर नानी के घर में छिपा दिया। पुलिस ने दीपक के पास से 79 हजार 900 रुपए और संजू की निशानदेही पर एक लाख दो हजार रुपए जब्त किए। पुलिस ने चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से चारों को जेल भेज दिया।

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