जबलपुरमध्य प्रदेश

हनुमान जयंती-स्रानदान पूर्णिमा कल: घर में रहकर भगवान को अर्पण करें श्रद्धा भाव

प्रशासन की अपील घर से न निकलें जिसमें सभी की भलाई, जनता कर्फ्यू का पालन करें

यशभारत संवाददाता, जबलपुर। हनुमान जयंती और स्रानदान पूर्णिमा एक साथ होने से जिला प्रशासन ने लोगों के लिए अपील जारी की है। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा  का कहना है कि दोनों प्रमुख त्यौहार घर पर ही बनाए। घर से भगवान को श्रद्धाभाव अर्पित करें। घर से बेवजह निकलकर पुलिस कार्रवाई से बचे।कलेक्टर ने सभी से अपील की है कि सभी जनता कर्फ्यू का पालन करें।
उल्लेखनीय है कि हनुमान जयंती हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है। ऐसा माना जाता है कि चैत्र मास की अंतिम तिथि पूर्णिमा के दिन ही हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस बार हनुमान जयंती 27 अप्रैल यानि कल मनाया मनाई जाएगी। इसके बाद 28 अप्रैल से वैशाख महीना शुरू हो जाएगा।
पूरे शहर में हनुमान जयंती काफी धूमधाम से मनाया जाती है, लेकिन राज्य में लगे आंशिक लॉकडाउन के कारण इसका उत्सव फीका रहेगा। मंदिरों में सिर्फ प्रतीकात्मक पूजा होगी, वहीं लोग घर में बैठकर ही अपने आराध्य हनुमान जी का पूजा अर्चना करेंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र पूर्णिमा नव संवत्सर की पहली पूर्णिमा होती है। पूर्णिमा के दिन नदियों में स्नान कर दान करने की परंपरा है। इस दिन भक्त उपवास भी रखते हैं। सुबह स्नान के बाद सूर्य को जल अर्पण करना चाहिए। तांबे के लोटे में जल भरकर कुमकुम चावल के साथ सूर्य को जल चटाएं। इस दौरान ऊँ सूर्याय नम: मंत्र का जाप करें। चैत्र पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की भी विशेष पूजा की जाती है। चैत्र पूर्णिमा के दिन रात में चंद्रमा सोलह कलाओं के साथ दिखाई देता है। जो भक्त पूर्णिमा का व्रत करते हैं, उन्हें एक समय ही भोजन करना चाहिए। पूर्णिा के दिन एक समय ही भोजन करना चाहिेए।

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