ग्वालियरमध्य प्रदेश

सिंधिया फाउंडेशन ने तैयार किया 200 बेड का आइसोलेशन सेंटर, संक्रमितों से फोन पर हाल जान रहे सिंधिया

ग्वालियर
कोरोना ने संकट की घड़ी पैदा की है तो मदद को हाथ भी कम नहीं हैं। अपने-अपने तरीके से लोग मदद करने की पहल कर रहे हैं। ऐसा ही ग्वालियर के एक फाउंडेशन ने कर दिखाया है। राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़ी संस्था सिंधिया फाउंडेशन ने मेला फैसिलिटेशन सेंटर में 24 घंटे में 200 बिस्तर का कोविड आइसोलेशन सेंटर तैयार किया है। यहां आइसोलेट होने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों के निशुल्क इलाज से लेकर काढ़ा व खाने का इंतजाम किया गया है। यह सेंटर मंगलवार की शाम चार बजे से शुरू हो जाएगा। जिला प्रशासन संक्रमित मरीजों की देखरेख के लिए पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा।

आइसोलेशन सेंटर के प्रमुख पुनीत शर्मा ने बताया कि अपनी टीम के सहयोग से तैयार किए गए आइसोलेशन सेंटर में 200 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। इनमें 10 से 15 ऑक्सीजन बेड भी होंगे। कोरोना संक्रमितों की देखरेख करने के लिए फिलहाल पांच डाक्टरों के अलावा पैरामेडिकल स्टाफ की भी व्यवस्था की गई है, डाक्टर निरंतर विजिट करेंगे। पैरामेडिकल स्टाफ 24 घंटे देखरेख के लिए रहेगा।

यहां मरीजों को दवा, भोजन व काढ़ा भी निशुल्क दिया जाएगा। आइसोलेशन सेंटर में भर्ती होने वाले मरीजों को दवा, भोजन, काढ़ा व अन्य जरूरत का सामान पूर्णत: निशुल्क दिया जाएगा। भर्ती का भी कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।

पुनीत शर्मा ने बताया कि भर्ती की प्रक्रिया सहज और सरल है। फाउंडेशन द्वारा सेंटर शुरू करने के साथ दो नंबर जारी किए जाएंगे। इन नंबरों पर संपर्क कर कोरोना संक्रमित मरीज यहां भर्ती हो सकते हैं। भर्ती होने के लिए यहां कोविड-19 की पॉजिटिव रिपोर्ट दिखानी पड़ेगी। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा जेएएच से रैफर व अन्य स्थानों से भेजे गए संक्रमितों की भी इलाज की व्यवस्था यहां की जा रही है। आइसोलेशन सेंटर शुरू किए जाने की जानकारी राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया को दी गई है। उन्होंने कहा है कि इस अभिनव पहल से लोगों का विश्वास बढ़ेगा। साथ ही और भी सामाजिक संस्थाओं को संकट की घड़ी में इस तरह का कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।

राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को अंचल के कई संक्रमितों को फोन कर उनका हालचाल पूछा। सिंधिया ने संक्रमितों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार द्वारा इलाज के समूचित इंतजाम किए गए हैं। अगर घर में आइसोलेट हैं तो तीन बातों का ध्यान रखें। पहला प्रत्येक तीन घंटे में आक्सीजन लेवल व तापमान लेकर उसका चार्ट तैयार करें। सुबह शाम अनुलोम विलोम व प्राणायाम करें, जिससे फेफड़ों को मजबूती मिलेगी। मैं स्वयं भी जिला प्रशासन व सरकार के संपर्क में हूं। कोई तकलीफ होने व मदद की आवश्यकता पड़ने पर इसी नंबर पर कॉल कर मुझसे से संपर्क कर सकते हैं।

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