भोपालमध्य प्रदेश

संक्रमण ने रोके निर्माण और विकास कार्य, 20 मई तक टले तबादले

भोपाल
प्रदेश सरकार ने कोरोना के कहर को देखते हुए अगले माह बीस मई तक के लिए उन सभी कामों को टाल दिया है जो अत्यावश्यक नहीं होंगे। इसमें एक मई से शुरू होने वाले तबादले और निर्माण व विकास कार्यों से जुड़े मसले शामिल हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद सभी वरिष्ठ अधिकारियों कोरोना उपचार के लिए दवाओं की उपलब्धता और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था में तैनात किया जा रहा है।

शिवराज कैबिनेट ने एक मई से कर्मचारियों के तबादले करने का फैसला लिया था। इसके लिए आनलाइन आवेदन मंगाने के साथ आफलाइन भी आवेदन लिए सरकार के पास पहुंचने लगे थे। इस बीच कोरोना का कहर एक अप्रैल से हावी होने के बाद अब सरकार की प्राथमिकता बदल गई है। सूत्रों का कहना है कि अब 20 मई तक सभी कामों को टाल दिया गया है और संभव है कि स्थिति में सुधार नहीं होने पर इस तारीख को और आगे बढ़ा दिया जाए। इन हालातों में तबादले के लिए अलग-अलग विभागों और जिलों से आने वाले आवेदन पेंडिंग हो जाएंगे।

दूसरी ओर सरकार की प्राथमिकता सिर्फ कोरोना से बचाव व उपचार की व्यवस्था है। इसलिए प्रदेश में चल रहे निर्माण कार्यों, विकास कार्यों को भी रोका जा सकता है या उनकी गति मंद की जा सकती है। वैसे भी कोरोना कर्फ्यू लगभग प्रदेश के सभी जिलों में लागू हो चुका है।  इसलिए निर्माण कार्य वहीं संचालित हो सकेंगे जहां कर्फ्यू नहीं होगा।

इस समय मंत्रालय और सतपुड़ा व विन्ध्याचल के विभागाध्यक्ष कार्यालय में पदस्थ अफसरों से संवाद के दौरान एक ही जवाब मिलता है कि फिलहाल सरकार की प्राथमिकता कोरोना संकट से निबटने की है। अगर इससे बचाव के कोई उचित सुझाव देता है और सरकार उसे ठीक मानती है तो उसे लागू करने का काम भी किया जाएगा। बाकी काम पेंडिंग कर दिए गए हैं। सरकार ने गेहूं उपार्जन, पंचायतों में चल रहे कामों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और अन्य जो जरूरी गतिविधियां लागू कर रखी हैं, उनके लिए भी कोरोना गाइडलाइन का पालन अनिवार्य किया गया है।

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