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शिवराज कैबिनेट के 5 बड़े फैसले- खुलेंगे रोजगार के अवसर, ट्रांसजेंडर को OBC आरक्षण, किसानों को भी 2 बड़ी सौगात

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज मंगलवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें कई बड़े फैसले लिए गए। इस कैबिनेट बैठक की ब्रीफिंग करते हुए मप्र सरकार में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने दी ।बैठक में मिलेट्स मिशन, सिंचाई परियोजनाओं और ट्रांसजेंडर को OBC आरक्षण समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकारी कार्यक्रमों के भोजन में एक डिस मोटे अनाज अब अनिवार्य होगा। मिड डे मिल में एक दिन मोटा अनाज अनिवार्य होगा।होस्टल में मोटा अनाज अनिवार्य होगा। योजना के लिए 2325 लाख का प्रावधान किया गया है कैबिनेट बैठक के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासकीय कार्यक्रम में होने वाले भोज में मोटे अनाज से बने व्यंजन को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। मिड डे मील और छात्रावासों में भी मोटे अनाज का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

शिवराज कैबिनेट बैठक के बड़े फैसले

  1. मध्य प्रदेश में अब ट्रांसजेंडर OBC कैटेगरी में शामिल होंगे, इसके बाद ट्रांसजेंडर भी OBC आरक्षण के हकदार होंगे। पिछड़ा वर्ग की सूची में क्रमांक 94 पर ट्रांसजेंडर को शामिल किया जाएगा।  सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।
  2. भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) अपना एक प्लांट बीना रिफाइनरी कैम्पस में लगाएगा। कंपनी 45 से 50 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट करेगी। सरकार कंपनी को स्टेट गुड्स एंड सर्विस टैक्स (SGST) में 15 हजार करोड़ की छूट 15 साल तक के लिए देगी।
  3. BPCL को मध्यप्रदेश में अभी तक के सबसे बड़े इन्वेस्टमेंट के लिए  बीना रिफाइनरी के कैंपस में लगने वाले प्लांट में गैसोलीन, डीजल, एलएलडीपी और पॉलीप्रोपलीन का प्रोडक्शन होगा। इस प्लांट में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 2 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।BPCL को 500 करोड़ रुपए का इंटरेस्ट फ्री लोन उपलब्ध कराएगी। BPCL ने बिजली में 1 रु. प्रति यूनिट की रियायत मांगी है। इसे भी निवेश संवर्धन समिति ने मंजूरी दी है।
  4. मिलेट मिशन के अंतर्गत किसानों को मोटे अनाज के बीज 80% सब्सिडी पर कराए जाएंगे उपलब्ध। मिलेट मिशन के अंतर्गत मोटे अनाज का प्रचार-प्रसार, उत्पादन और उपयोग के आयाम पर कार्य होगा।मिलेट मिशन की अवधि 2023-24 और 2024-25 दो वर्षों के लिए रहेगी। मोटे अनाज को लोकप्रिय बनाने के लिए सरकारी कार्यक्रमों में परोसे जाने वाले भोजन में एक डिश मोटे अनाज की शामिल की जाएगी।मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को अलग-अलग कार्यशालाओं के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। मोटे अनाज के वैल्यू एडिशन के लिए जन जागरण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
  5. मोटे अनाज मिशन के अंतर्गत किसानों को बीज उपलब्ध कराने, जन जागरण एवं अन्य कार्य के लिए अलग से ₹2325 लाख की राशि के प्रावधान का अनुमोदन किया गया।प्रदेश के छात्रावासों में हफ्ते में एक दिन मोटे अनाज के बना भोजन छात्रों को परोसे जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।सीएम ने स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील में हफ्ते में एक दिन मोटे अनाज से बना भोजन दिए जाने की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए।
  6. हफ्ते में एक दिन मिड-डे मील में बच्चों को भी भोजन में मोटे अनाज का व्यंजन दिया जाएगा। हॉस्टल में भी हफ्ते में एक दिन मोटे अनाज से बने व्यंजन बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। मध्यप्रदेश में मोटे अनाज को लेकर जागरूकता के लिए अगले 2 साल में बड़े स्तर पर काम करेंगे। इस मिशन के लिए अलग से लगभग 2325 लाख रुपए के बजट का प्रावधान रखा गया है।
  7. गेहूं एक्सपोर्ट करने के लिए यदि किसान मंडी शुल्क देते हैं, तो उसकी भरपाई सरकार करेगी।प्रदेश से निर्यात हुए गेहूं को मंडी शुल्क की प्रतिपूर्ति व्यापारियों को करने का भी निर्णय लिया गया है। इसके लिए नियमों में संशोधन किया गया है।
  8. सिंचाई की 2 बड़ी परियोजनाओं की स्वीकृति दी। उज्जैन जिले के महिदपुर विकासखंड के ग्राम डूंगरिया के समीप छपरा नदी पर बांध बनाया जाएगा। इसमें 104 करोड़ रुपए की लागत से बांध निर्माण होगा। टिटौली डिस्ट्रीब्यूटर परियोजना के पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति भी आज की बैठक में दी गई।

कृषि मंत्री ने बताए मोटे अनाज के फायदे

कृषि मंत्री पटेल ने बताया कि मोटे अनाज की विशेषता यह होती है कि इस अनाज के सेवन से हृदय रोग, डायबिटीज जैसी बीमारियां नहीं होती है।कोरोना के बाद लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हुए हैं और हमारे प्रदेश के आदिवासी जिलों में आदिवासी किसान मोटे अनाज की फसल लेते लेकिन अब पूरे प्रदेश में मोटे अनाज की फसल किसान ले।इसके लिए सरकार ने मध्य प्रदेश राज्य मिलेट मिशन योजना की स्वीकृति दी है। इस योजना के तहत किसानों के बीच मिलेट फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने एवं मिलेट फसलों से तैयार व्यंजनों का प्रचार प्रसार करने का निर्णय लिया गया है। सरकारी कार्यक्रमों और मध्याह भोजन में बच्चों को मोटे अनाज का भोजन देने का निर्णय भी लिया गया है।

कृषि मंत्री ने शिवराज कैबिनेट के फैसले का किया स्वागत

प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने सीएम शिवराज का आभार व्यक्त किया है और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो संकल्प है कि किसानों की आय दोगुना करना है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के अथक प्रयासों से सफल हो रहा है। जहा एक ओर मिलेट अनाज योजना की सौगात किसानों को मिली तो वहीं प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल लेने वाले किसानों के लिए भी खुशखबरी है। ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल पिछले 3 वर्षों से मध्यप्रदेश का किसान ले रहा है। मार्केट में ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल जहा ₹4000 प्रति क्विंटल की दर से किसान बेचता था ।वही सरकार ने समर्थन मूल्य ₹7275 प्रति क्विंटल की दर से खरीद कर प्रति किसान को 2 हजार से 3 हजार ज्यादा का फायदा सरकार ने दिया है। इस बार भी मेरी मंशा थी कि किसान को ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल का रेट पिछली बार की तरह समर्थन मूल्य पर सरकार खरीदी करें।

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