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शादी के दिन ही युवती की रिपोर्ट आई पॉजिटिव, दूल्हा-दुल्हन ने पीपीई किट पहनकर लिये सात फेरे

दूल्हा-दुल्हन पीपीई किट पहने हैं और मंत्रोच्चारण कर रहे पंडित जी भी पीपीई किट पहकर विवाह समारोह के अनुष्ठान करा रहे हों। कोरोनाकाल में जिले के हवालबाग विकासखंड के लाट गांव में गुरुवार को ऐसी ही एक अनोखा विवाह हुआ। दुल्हन की दो दिन पहले दिए गए सैंपल की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने की स्थिति में एहतियातन यह कदम उठाया गया।

लाट गांव की युवती की गुरुवार को शादी तय थी। परिवार वाले तैयारी में जुटे थे। युवती भी बाजार से अपना शृंगार आदि का सामान खरीदकर ले आई थी, लेकिन दो दिन पहले उसकी तबीयत अचानक खराब होने लगी। परिवार वालों ने स्थानीय कोविड हॉस्पिटल बेस अस्पताल में कोरोना टेस्ट के लिए उसका सैंपल दिया। इधर, गुरुवार सुबह तक सबकुछ ठीक चल रहा था। बीकानेर (राजस्थान) से बारात भी दुल्हन के घर के लिए रवाना हो चुकी थी। लेकिन इसी बीच बेस अस्पताल से दुल्हन की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी मिल गई। इससे पूरा परिवार सकते में आ गया।

इसकी जानकारी किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष हरीश कनवाल को मिली। उन्होंने तय तिथि और समय पर ही यह विवाह संपन्न कराने के लिए रास्ता निकालने की कोशिश की। उन्होंने प्रशासन से संपर्क किया। तय हुआ कि दूल्हा-दुल्हन और विवाह की रस्में कराने वाले पंडित जी को पीपीई किट उपलब्ध कराकर विवाह संपन्न करा लिया जाय।

दुल्हन के माता-पिता और भाई ने भी पीपीई किट में शादी के समस्त अनुष्ठान संपन्न कराए। दूल्हा-दुल्हन ने पीपीई किट में ही एक-दूसरे को माला पहनाकर अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिये। विवाह संपन्न होने के बाद कोरोना संक्रमित दुल्हन को क्वारंटाइन कर दिया गया। बताया गया कि वर पक्ष अल्मोड़ा जिले में ग्राम पालमपुर (देघाट) का मूल निवासी है लेकिन ये लोग हाल निवासी बीकानेर (राजस्थान) के हैं। बारात राजस्थान से ही अल्मोड़ा आई थी।

एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने बताया कि बारात आ चुकी थी। इसके चलते कोविड प्रोटोकॉल का अनिवार्य रूप से पालन करने का भरोसा देने पर ही इस विवाह की अनुमति दी गई। प्रशासन की ओर से पीपीई किट भी उपलब्ध कराए गए। विवाह संपन्न होने के बाद दुल्हन को क्वारंटाइन कर दिया गया है।

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