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वॉल स्ट्रीट मनी इन वॉशिंगटन रिपोर्ट में खुलासा, राष्ट्रपति चुनाव में दिया 2.9 अरब डॉलर का चंदा

वाशिंगटन
अमेरिकी लोकतंत्र पर कॉरपोरेट सेक्टर और निहित-स्वार्थों का प्रभाव किस हद तक है, इसकी फिर झलक मिली है। शनिवार को जारी 'वॉल स्ट्रीट मनी इन वॉशिंगटन' रिपोर्ट के मुताबिक 2020 के चुनाव में वॉल स्ट्रीट (अमेरिकी शेयर बाजार) ने 2.9 अरब डॉलर का सियासी चंदा दिया।

इसका इस्तेमाल चुनाव प्रचार और नीति संबंधी लॉबिंग के लिए किया गया। इसका अर्थ यह हुआ कि वॉल स्ट्रीट ने चुनाव प्रचार की अवधि में रोज 40 लाख डॉलर खर्च किए। यह 2016 में हुए राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार की तुलना में दोगुना ज्यादा है। यह रिपोर्ट अमेरिकंस फॉर फाइनेंशियल रिफॉर्म नाम की संस्था ने तैयार की है। उसके मुताबिक 2020 का चुनाव में वॉलस्ट्रीट के बैंकों और वित्तीय सेवा देने वाली कंपनियों ने जितना खर्च किया, उतना उसके पहले पूरे अमेरिकी इतिहास में कभी नहीं हुआ था।

रिपोर्ट के मुताबिक एक खास बात ऐसे 'कथित स्वतंत्र' संगठनों को दिए गए चंदे में दोगुना बढ़ोतरी रही, जिन्होंने उस रकम का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए किया। ऐसे संगठनों को वॉल स्ट्रीट ने 98 करोड़ 15 लाख डॉलर का चंदा दिया।
 
अमेरिकंस फॉर फाइनेंशियल रिफॉर्म की कार्यकारी निदेशक लीजा डॉनर ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा- 'वॉल स्ट्रीट के पास जैसा असीमित धन है और चुनाव प्रचार के लिए चंदे से संबंधित सिस्टम जिस तरह अप्रभावी है, उसका मतलब यह है कि चुनावी चंदा देने पर कोई व्यावहारिक सीमा नहीं है। वित्तीय सेवा कंपनियां अमेरिका में राजनीति संबंधी और नीतिगत बहसों (को अपने मुताबिक ढालने) के लिए जितना चाहे उतना खर्च कर सकती हैं।'

लीजा डॉनर ने कहा कि धन की बारिश करके वॉल स्ट्रीट ने देश के शासन पर अपनी गहरी पकड़ बना ली है। उसके प्रभाव में ऐसी नीतियां बनाई जाती हैं, जिससे अति धनी तबकों को और भी ज्यादा धन हड़पने में मदद मिलती है। ऐसा आम इनसान की कीमत पर होता है।

रिपोर्ट से सामने आया है कि वॉल स्ट्रीट ने खास खर्च सीनेट के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत बरकरार रखने के लिए किया। इस बार उसे इसमें कामयाबी नहीं मिली, लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी को भी निर्णायक बहुमत नहीं मिल पाया। सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत बना रहे, यह बात वॉल स्ट्रीट इसलिए चाहता था ताकि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल में उसके टैक्स में जो कटौती हुई थी, उसे डेमोक्रेटिक पार्टी पलट ना सके।  

'वॉल स्ट्रीट मनी इन वॉशिंगटन' नाम से जारी रिपोर्ट को सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिव पॉलिटिक्स नाम की संस्था से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। 90 पेज की रिपोर्ट में बताया गया है कि बीमा कंपनियां, वित्तीय सेवा कंपनियां और रियल एस्टेट सेक्टर ने चंदा देने में खास दिलचस्पी दिखाई।

रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि किस पार्टी और किस नेता को किस कंपनी से कितना चंदा मिला। इसके मुताबिक वॉल स्ट्रीट ने उन 147 रिपब्लिकन नेताओं को भी चंदा दिया था, जिन्होंने सीनेट या हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव का चुनाव जीतने के बाद राष्ट्रपति जो बाइडन के निर्वाचन को वैध मानने से इनकार कर दिया।

सेंटर फॉर रेस्पॉनसिव पॉलिटिक्स का अनुमान है कि 2020 के संघीय चुनाव पर कम से कम 14.4 अरब डॉलर का साझा खर्च आया। इसमें 1.05 अरब डॉलर का कालाधन भी है, जिसका स्रोत अज्ञात है। इस संस्था के मुताबिक 2020 का संघीय चुनाव पूरे अमेरिकी इतिहास का सबसे महंगा चुनाव रहा।

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