जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

रॉयल रीच और डिवाइन पावर फर्जी चिटफंड कंपनी के नाम पर करोड़ो  का घोटाला : आरोपी फरार

धोखाधडी कर चिटफंड कंपनी हुई फरार, कार्यवाही व वशूली के लिए दर दर भटक रहे निवेशक 

कोतमा – भोलेभाले लोगो को कम समय मे एकम दुगनी करने का लालच देकर करोड़ो रूपये जमाकरने के बाद बहुत सी चिटफंड कंपनियों ने गोलमाल किये है। जिंसमे स्थानीय स्तर के एजेंटो को रखकर उन्हें डिपाजिट रकम में मोटा कमीशन देकर उनके पहचान के लोगो को रकम जमा कर कम समय मे ज्यादा व्याज का प्रलोभन दिया जाता है। ऐसा ही एक मामला जमुना कोतमा क्षेत्र में देखने को मिला जहां इस फर्जी वाडे में सैकड़ो निवेशकों की करोड़ो रूपये की रकम लूटकर फर्जी चिटफंड करम्पनि फरार हो गयी है। निवेशकों ने जिसकी शिकायत भालूमाड़ा कोतमा थाने सहित पुलिस अधीक्षक तक शिकायत किये हैं मगर अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई है।

क्या है मामला

निवेशकों ने बताया कि श्रमिक नगर पकरिया निवासी अभय चौरसिया, पत्नी मंजू चौरसिया,पुत्र सूरज चौरसिया, के द्वारा खुद की बनाई कम्पनी डिवाइन पावर और रॉयल रीच नाम के एप को गूगल प्ले स्टोर से डेवलपर के माध्यम से साक्ष्य भी इन्होने मिटा दिए और निवेश की रकम वापिस करने में वक्त मागते हुए निवेशकों को 21 महीनो से गुमराह करते हुए तारीख पे तारीख दे कर कानूनी कार्यवाही से रोकते गए।

निवेशकों ने बताया कि अभय चौरसिया, पत्नी मंजू चौरसिया,पुत्र सूरज चौरसिया, के द्वारा जमुना कोतमा क्षेत्र, बिजुरी, जैतहरी, पेंड्रा, शहडोल,रीवा, जबलपुर, रायपुर,बनारस एवं भारत के अन्य कई राज्यों के लोगो को खुद के व्यापार में निवेश करवाने के लिए उनके घर जाकर अपने द्वारा बनाए हुए अलग अलग प्लान में 10%,15%,7.5%,20% हर माह फायदे का प्रलोभन दे कर जमाकर्ताओं को निवेश की रकम सुरक्षित रहेगी कि गारंटी ले कर उनसे निवेश लेते गए और षडयंत्र पूर्वक अपने द्वारा बनाए गए स्कीम के अनुसार निवेशकों को कुछ माह तक फायदे दे कर उनका भरोसा जीतकर उन्हे रेफरल इनकम का भी प्रलोभन दिया जिसकी वजह से निवेशकों ने अपने जान पहचान के लोगो को अभय चौरसिया से संपर्क करवाया और मंजू चौरसिया और सूरज चौरसिया ऑन लाइन जूम मीटिंग,यूटयूब के माध्यम से लोगो को स्कीम के निवेश के फायदे समझाते थे।

कोतमा में होटल में हुई थी मीटिंग

निवेशकों ने बताया कि तारीख 6 मई 2022 को श्री श्याम पैलेस होटल कोतमा में अपने नए स्कीम में निवेश की रकम पर 8% प्रति माह फायदे की मीटिंग के साथ नाश्ते और डिनर की वेबिनार पार्टी भी इन्होने निवेशकों को दी थी और करोड़ों रुपए निवेशको से अपने अलग अलग बैंक खातों और लाखो रुपए नगद में भी लिए गए थे।

 

निवेशकों ने बताया कि इन्होने 6 माह में निवेश की रकम डबल करके देने की स्कीम से भी करोड़ो रूपए निवेश लिए थे। उसके बाद इन्होंने फिर एक स्कीम बताई जिसमे निवेश करने पर रोज निवेश की रकम का 2% फायदा दिया जाएगा और निवेश की रकम 10 दिनो बाद वापिस कर दी जाएगी और जो निवेशक रोज 1% फायदा लेना चाहेगा उसकी निवेश की रकम जमा रहेगी और फिर अचानक इन्होने फायदा देना बंद कर दिए।

अन्य राज्यो में हुई है कार्यवाही

इनके सहयोगी टीम के शातिर लुटेरा उमेश कांति भाई पटेल निवासी चांदखेड़ा अहमदाबाद गुजरात जो 2011 से अपनी पत्नी कुंजल बेन पटेल और अपने सहयोगी टीम के साथ मिलकर 300 करोड़ से ज्यादा की ठगी कर चुका है जिसके खिलाफ गुजरात और मुंबई के निवेशकों ने मिलकर आईपीसी की 18 धाराओं में मामला दर्ज करवाये है। जिसमे एक आरोपी विशाल कुमार रवानी जो दुबई भाग रहा था जिसे मुम्बई पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर के मुम्बई ले गई और बाकी सब फरार है।

इनके दूसरी सहयोगी टीम के शातिर लुटेरा अजय नाथ छगन उसरे भी दुबई भाग गया था । जिसका मुंबई पुलिस ने लुक आउट नोटिस भी जारी किये । जेल न जाने के डर से ठाणे कोर्ट में अंतरिम जमानत की याचिका दायर की थी। जिसे माननीय न्यायाधीश ने कई निवेशकों के साथ हुई 78 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी की वजह से रद्द कर दी गई है। और ये अभी भी फरार है।

 

अनुपपुर पुलिस से कार्यवाही की अपेक्षा

निवेशकों ने यह भी बताया कि पुलिस अधीक्षक अनूपपुर के समक्ष 2023 में दो बार आवेदन दिया गया था। पीड़ितों का कहना है कि अभय चौरसिया का बड़ा भाई पत्रकार है जिसकी भालूमाड़ा और कोतमा थानों में अच्छी पकड़ है। निवेशकों ने यह बात कही कि अभय चौरसिया का कहना है कि भालूमाड़ा,कोतमा की पुलिस निवेशकों के आवेदन को कबाड़ में फेक देगी।

जिसकी वजह से निवेशक कानूनी कार्यवाही न कर पाने में असक्षम है। निवेशकों ने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस पोंजी स्कीम घोटाले को संज्ञान में लेकर जांच की जाए और कानूनी कार्यवाही की जाए जिससे पीड़ित निवेशकों को न्याय मिल सके ।

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