इंदौरमध्य प्रदेश

राधा स्वामी सत्संग ब्यास परिसर में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए दो हजार बेड

इंदौर
जिस परिसर में हजारों-लाखों श्रद्धालु सत्संग के लिए जुटते थे। आस्था की गठरी सिर पर लेकर सैकड़ों किलोमीटर दूर से इंदौर के राधा स्वामी सत्संग ब्यास परिसर में आते थे, उसी परिसर में अब कोरोना मरीजों के लिए स्वास्थ्य लाभ का सत्संग होगा। मरीजों के लिए दो हजार बेड, इलाज की प्राथमिक सुविधाएं। डाक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी यहां अपनी सेवाएं देंगे। रविवार को इस विशाल चिकित्सा परिसर के शुरू होने की संभावना है। परिसर में ऐसे कोरोना संक्रमितों को रखा जाएगा जो होम आइसोलेशन में हैं और जिनके पास घर में जगह या सुविधाएं नहीं हैं।

तैयारी जोर-शोर से चल रही हैं। कोरोना महामारी के भीषण संकट में इस परिसर में स्वास्थ्य सुविधाएं जुटाने के लिए सरकार ही नहीं, समाज भी आगे आया है। अलग-अलग सामाजिक और पारमार्थिक संस्थाएं भी इस परिसर के लिए आक्सीजन कन्संट्रेटर और अन्य सामग्री का सहयोग दे रही हैं। कलेक्टर मनीषसिंह ने इस परिसर के इंतजाम संभालने के लिए आइडीए के सीईओ विवेक श्रोत्रिय को नोडल अधिकारी बनाया है। कलेक्टर ने बताया कि परिसर में बिना लक्षण वाले संक्रमितों को रखा जाएगा। उनके भोजन आदि का इंतजाम भी वहीं किया जा रहा है। परिसर में एक स्वस्थ वातावरण बनाने के लिए मरीजों के लिए हर दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रखे जाएंगे ताकि वे तनावरहित रहें। यदि किसी मरीज को जरूरत पड़ी तो उनको वहीं पर रेमडेसिविर इंजेक्शन भी लगाया जा सकेगा, ऐसा इंतजाम भी किया जाएगा।

बताया जाता है कि इस परिसर में तकनीकी मार्गदर्शन और कंसल्टेंसी के लिए शहर के चार प्रमुख अस्पतालों ने जिम्मेदारी ली है। इनमें बाम्बे, अपोलो, मेदांता और चोइथराम अस्पताल शामिल हैं। शुरुआती दौर में 600 बेड की शुरुआत हो रही है। इसमें हर अस्पताल को 150-150 बेड के मरीजों को संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मेदांता अस्पताल के पेशेंट केयर सर्विस के सीनियर मैनेजर वरुण मदान ने बताया कि हमारी ओर से तकनीकी सहायता दी जाएगी। हमारी ओर से एक कंसल्टेंट डाक्टर, सुपरवाइजर और नर्सिंग सुपरवाइजर व्यवस्था संभालेंगे। शासन की ओर से जो कम्युनिटी हेल्थ आफिसर दिए गए हैं, हमने उनकी ट्रेनिंग शुरू कर दी है।

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