यश भारत खास खबर: 2023 में साल भर में 874 दुर्घटनाएं : 263 लोगों की मौत

मंडला। सड़कों पर वाहनों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। ट्रैफिक नियमों की जानकारी के अभाव में हादसों का भी ग्राफ बढ़ गया है। ट्रैफिक नियमों की अवहेलना से सड़कें असुरक्षित होती जा रही हैं। सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना जरूरी है।
इसके लिए पुलिस समय समय पर नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान भी करती है। बावजूद इसके हादसे रुक नहीं पा रहे हैं। इसके लिए चालकों को समुचित प्रशिक्षण, यातायात नियमों की जानकारी के प्रति जागरुक करना अनिवार्य हो गया है। सड़क सुरक्षा बेहद संवेदनशील एवं गंभीर विषय है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले 12 हजार 322 वाहनों के चालान से इस वर्ष 45 लाख 01 हजार 350 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। इसके साथ ही न्यायालीयन के 48 प्रकरण बनाकर न्यायालय में पेश किया गया। जिसमें 03 लाख 01 हजार 500 रुपये का जुर्माना न्यायालय द्वारा लगाया गया।
जानकारी अनुसार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध मंडला यातायात पुलिस द्वारा विगत वर्ष 2020 में 06 हजार 480 प्रकरण में 43 लाख 27 हजार 500 रुपए समन शुल्क वसूला गया। लेकिन वर्ष 2021 में 06 हजार 899 प्रकरण दर्ज किये गए, जो वर्ष 2020 से बढ़े और लेकिन यहां समन शुल्क घट कर 24 लाख 33 हजार 850 रुपए समन शुल्क वसूला गया। इसके बाद वर्ष 2022 में सारे रिकार्ड तोड़ दिए। यहां एक वर्ष में 14 हजार 586 वाहनों के चालान काटे गए। जिसमें समन शुल्क 48 लाख 47 हजार 750 रुपए वसूला गया। इसके बाद वर्ष 2023 में एक बार फिर वाहनों के चालान 02 हजार 264 वाहनों के कम चालान बनाए गए। वर्ष 2023 में 12 हजार 322 वाहनों के चालान काटे गए। जिसमें 45 लाख 01 हजार 350 रुपए समन शुल्क वसूल किया गया। वर्ष 2023 में वाहनों के चालान के साथ समन शुल्क में भी कमी आई।
पांच वर्ष में बढ़े हादसे और मौते
बता दे कि नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध यातायात पुलिस सख्ती से पेश आई, जिसका असर भी देखने को मिला है। अब शहर में अधिकतर दो पहिया वाहन चालक हेलमेट पहन कर वाहन चला रहे हैं। चार पहिया वाहन चालक सीट बेल्ट का उपयोग कर रहे हैं। बावजूद इसके सड़क हादसों का ग्राफ पिछले चार वर्षों में कम होने के वजा बढ़ गया है। जहां वर्ष 2019 में 772 दुर्घटनाओं में 1125 घायल हुए जिसमें 197 लोग काल के गाल में समा गए। यह आंकडा अगले दो वर्षों तक इसी के आसपास रहा, लेकिन वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटनाओं का आकंड़ा बढ़कर 842 हो गया। जिसमें 1162 लोग घायल हुए और 1424 लोग इस घटना में चोटे आई। वहीं 262 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई। इसके बाद यह ग्राफ कम नहीं हुआ और वर्ष 2023 में बढ़ गया। जिसमें वर्ष 2023 में साल भर में 874 दुर्घटनाएं हुई। जिसमें 1183 लोग घायल हुए और हादसें में 1446 लोग चोटिल हुए। वहीं 263 लोगों की दुर्घटना में मौत हुई।
पुलिस की सख्ती का हो रहा असर
यातायात प्रभारी का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ उनका पालन सख्ती से कराना शुरू किया है। जिसका असर दिखाई दे रहा है। इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में सड़क हादसे और उससे होने वाली मौतों में ज्यादा अंतर नहीं आया है। मौत और हादसों का ग्राफ ज्यादा नहीं बढ़ा है। इसका मुख्य कारण यातायात नियमों का पालन होना है। यातायात पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को दो पहिया या चार पहिया वाहन देने के दौरान उन्हें यातायात नियमों का पालन करने का पाठ भी जरूर पढ़ाएं। यातायात नियमों का पालन कराने में पुलिस के साथ अभिभावकों की भी अहम भूमिका है। यातायात नियमों के पालन से ही सड़क हादसों को रोका जा सकता है।
हेलमेट का करें उपयोग हो चुकी 263 मौतें
वर्ष 2022 में 842 दुर्घटनाओं में 1162 लोग घायल हुए, वहीं हादसों में 1424 लोग शामिल हुए। जिसमें 262 लोगों की दुर्घटना में मौत हुई है। वहीं इस वर्ष 2023 में 874 सड़क हादसे हुए हैं, जिसमें 1183 घायल, 1446 लोग दुर्घटना में शामिल हुए और 263 लोगों की जान गई है। यातायात प्रभारी ने बताया कि इनमें से अधिकत्तर लोगों की मौत गंभीर चोट लगने के कारण हुई। यदि हेलमेट होता, तो सिर पर न चोट लगती, न मौत होती । इन्हीं दुर्घटनाओं को देखते हुये दो पहिया चालकों को हेलमेट लगाकर वाहन चलाने की समझाईश भी दी जा रही है। जिससे सड़क हादसों में मौत का ग्राफ कम हो ।
लगातार हो रही कार्रवाई
ट्रैफिक अमले में भले ही बल की कमी है फिर भी यातायात व्यवस्था का काम सुचारु रुप से होता है। ट्रैफिक का बल इसके लिए बकायदा प्रशिक्षित है जो मेहनत और लगन से कार्य कर रहा है। इस मामले में सूबेदार योगेश राजपूत का कहना है कि बेरतरतीब खड़े वाहनों और तीन सवारी दोपहिया वाहन चालकों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।







