मेले खींच ले गए वाहन रजिस्ट्रेशन, परिवहन विभाग की वसूली 53 करोड़ पार
उज्जैन-ग्वालियर में बढ़ा पंजीयन, बदलते ट्रेंड ने बदली राजस्व की तस्वीर

मेले खींच ले गए वाहन रजिस्ट्रेशन, परिवहन विभाग की वसूली 53 करोड़ पार
उज्जैन-ग्वालियर में बढ़ा पंजीयन, बदलते ट्रेंड ने बदली राजस्व की तस्वीर
कटनी, यशभारत। इस बार परिवहन विभाग के राजस्व आंकड़ों में एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिला है। पारंपरिक रूप से स्थानीय स्तर पर होने वाला वाहन पंजीयन अब बड़े धार्मिक और व्यापारिक आयोजनों वाले शहरों की ओर शिफ्ट होता नजर आ रहा है।अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन विभाग के आंकड़ों अनुसार, वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक विभाग ने 53 करोड़ 14 लाख 49 हजार 378 रुपये का राजस्व संग्रह किया, जबकि लक्ष्य 62 करोड़ 54 लाख रुपये निर्धारित था।
मेले बने रजिस्ट्रेशन शिफ्ट का कारण
परिवहन विभाग के सूत्रों का कहना है कि उज्जैन और ग्वालियर में आयोजित बड़े मेलों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने वहीं से अपने वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराया। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर पंजीयन की संख्या प्रभावित हुई, बल्कि अन्य जिलों के राजस्व वितरण पर भी असर पड़ा।
विशेषज्ञों के अनुसार, इन आयोजनों के दौरान वाहन खरीदी और पंजीयन की प्रक्रिया तेजी से उन्हीं शहरों में पूरी की जाती है, जहां मेले आयोजित हो रहे होते हैं। इससे अस्थायी रूप से रजिस्ट्रेशन का केंद्र बदल जाता है।
बदलते ट्रेंड से विभाग के सामने नई चुनौती
यह बदलता रुझान अब परिवहन विभाग के लिए नई चुनौती बनकर उभर रहा है। विभाग को न केवल राजस्व बढ़ाने बल्कि स्थानीय स्तर पर पंजीयन को बनाए रखने के लिए नई रणनीतियों पर काम करना होगा।
नई रणनीति और सुविधाओं पर जोर
अतिरिक्त परिवहन अधिकारी संतोष पाल का कहना है आगामी वित्तीय वर्ष को ध्यान में रखते हुए विभाग डिजिटल सेवाओं के विस्तार, प्रक्रिया में सरलता और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की तैयारी में है। साथ ही विशेष अभियान चलाकर स्थानीय स्तर पर ही वाहन पंजीयन को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई जा रही है।
परिवहन विभाग के ये आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि बदलते समय के साथ अब राजस्व संग्रह के तरीकों में भी बदलाव जरूरी हो गया है।






