जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

मेडिकल में जूडा की हड़ताल: पुरानी मांगें पूरी नहीं हुई तो कल से काम बंद

मेडिकल प्रबंधन को मांग पत्र सौंपकर दी चेतावनी

जबलपुर,यशभारत। कोरोना आपदा के बीच नेताजी सुभाषचंद्र मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है। गुरूवार को 20 प्रतिशत डॉक्टरों ने सांकेतिक रूप से काम बंद करते हुए हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। जूनियर डॉक्टर्स ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा है इस बार अगर उनकी मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं हुए तो फिर वो इमरजेंसी सेवाएं रोक देंगे। इतना ही नहीं 7 तारीख से कोविड मरीजों के इलाज से भी जूनियर डॉक्टर्स ने इनकार कर दिया है।

इससे पहले जूनियर डॉक्टर्स ने अपनी मांगें पूरी न होने पर 5 अप्रैल को हड़ताल की चेतावनी दी थी. सरकार की ओर से आश्वासन मिलने और कोरोना के बिगड़ते हालात को देखते हुए उन्होंने ये हड़ताल टाल दी थी। लेकिन एक बार फिर जूनियर डॉक्टर्स असोसिएशन ने मांगें पूरी न होने पर हड़ताल की चेतावनी दी है। जब कोरोना अपने विकराल रूप में है ऐसे समय मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स अपनी मांगें मनवाने पर अड़े हैं। यहां तक कि उन्होंने कोविड पेशेंट्स न देखने की भी धमकी सरकार को दे दी है।

क्या हैं जूडा की मांगें
-जूनियर डॉक्टर्स ने सरकार के सामने पांच सूत्रीय मांगें रखी थीं और यह आरोप लगाया था कि इनमें से कुछ मांगें तो ऐसी हैं जिनका वायदा खुद मुख्यमंत्री की ओर से किया गया था। उन्हें एक साल बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं किया गया है।
-डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं।
-सरकार की ओर से 6प्रतिशत सालाना मानदेय बढ़ाने का वायदा पूरा किया जाए।
-जूनियर डॉक्टरों के इलाज की बेहतर व्यवस्था की जाए।
-कोरोना के दौरान प्रति महीने 10 हजार रुपये मानदेय देने का वायदा पूरा किया जाए।
-जूनियर डॉक्टर्स को ग्रामीण सेवा के बंधन से मुक्त किया जाए।
– कोरोना काल में सेवा के लिए प्रशस्ति पत्र दिया जाए जिसका फायदा सरकारी भर्तियों में मिले।

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