मनमानी पर उतारू ई-रिक्शा चालक, यातायात व्यवस्था बिगाड़ रहे

मनमानी पर उतारू ई-रिक्शा चालक, यातायात व्यवस्था बिगाड़ रहे
लाइसेंस और नंबर प्लेट के बिना सड़कों पर दौड़ रहे वाहन, यात्रियों से अवैध वसूली आम
जबलपुर, यश भारत। शहर में ई-रिक्शा चालकों की मनमानी और बदसलूकी लगातार बढ़ती जा रही है। ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए ये चालक मुख्य मार्गों पर न केवल अव्यवस्था फैला रहे हैं, बल्कि यात्रियों और अन्य वाहन चालकों के लिए भी बड़ी परेशानी बन चुके हैं। दीनदयाल बस स्टैंड, दमोह नाका, चेरीताल, तीन पत्ती, पुराना बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन मदन महल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मनचाही जगह पर सवारी चढ़ाना-उतारना आम हो गया है। तय किराए से अधिक वसूली और अभद्र व्यवहार की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
हाल ही में दीनदयाल चौक पर एक ई-रिक्शा चालक ने किराया लेने के बाद भी यात्री से और रुपए मांगे। उसने बहाने बनाते हुए अपने वाहन के टूटे शीशे को मरम्मत कराने के लिए अतिरिक्त रकम की मांग की। जब यात्री ने विरोध किया तो चालक अभद्रता पर उतर आया और धमकी देकर मौके से भाग निकला। इस घटना की शिकायत पीड़ित ने माढ़ोताल थाना में दर्ज कराई है।
शहर में बड़ी संख्या में ऐसे ई-रिक्शा चालक भी हैं जिनके पास वाहन चलाने का लाइसेंस तक नहीं है। कई वाहनों पर नंबर प्लेट तक नहीं लगी होती, जिससे नियम उल्लंघन या अपराध करने के बाद उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। वहीं, नाबालिग चालक भी खुलेआम ई-रिक्शा दौड़ाते नजर आते हैं। इससे न सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई हुई है, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन और यातायात पुलिस द्वारा समय-समय पर कार्रवाई किए जाने के बावजूद सख्ती की कमी है। यही कारण है कि ई-रिक्शा चालक बेखौफ होकर अपनी मनमानी जारी रखे हुए हैं। शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जरूरी है कि बिना लाइसेंस और नंबर वाले वाहनों पर रोक लगाई जाए तथा नाबालिग चालकों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए।







