भाजपा जिला कार्यकारिणी की घोषणा किसी भी क्षण, भोपाल में नामों पर चर्चा के बाद हुई लिस्टिंग, महामंत्री पद पर आ सकता चौंकाने वाला नाम

कटनी, यशभारत। भाजपा जिला कार्यकारिणी की घोषणा किसी भी क्षण हो सकती है। सूत्र बताते हैं कि कटनी में हुई रायशुमारी में निकले नामों पर भोपाल में पहले दौर का विचार विमर्श हो चुका है। जबलपुर संभाग की प्रभारी राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार की मौजूदगी में दोनों पर्यवेक्षकों और जिलाध्यक्ष ने नामों पर चर्चा करने के बाद इनकी छंटनी की और चयनित नामों को लिस्टेड कर लिया गया है। अब प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री की मुहर के बाद सूची जारी हो जाएगी।
सूत्रों के अनुसार कटनी जिले की कार्यकारिणी पर चर्चा के लिए जिलाध्यक्ष दीपक सोनी टंडन को 4 सितंबर को भोपाल बुला लिया गया था। उन्होंने दो दिन भोपाल में रहकर उस बैठक में हिस्सा लिया जिसमें जिला कार्यकारिणी के नामों पर मंथन किया गया। बैठक में जबलपुर संभाग की प्रभारी कविता पाटीदार के साथ पर्यवेक्षक रमेश भटेरे और सुजीत जैन भी मौजूद रहे। इस बैठक में सबसे पहले कटनी की रायशुमारी से निकले नामों के लिफाफे खोले गए। कटनी में पिछले दिनों हुई रायशुमारी के दौरान करीब 15 नेताओं ने प्रपत्र भरे थे। इन प्रपत्रों में नेताओं में अपनी पसंद के नाम दिए थे। भोपाल बैठक में जब प्रपत्र खुले तो करीब डेढ़ सौ नाम निकले, इनमें चर्चा शुरू हुई। बताया जाता है कि इतने सारे नामों से कुल 22 नामों के चयन के लिए काफी देर तक माथापच्ची चलती रही। बैठक में इस बात का भी ध्यान रखा गया कि जिले के सांसद, विधायकों और जिलाध्यक्ष ने जिला कार्यकारिणी के लिए कौन से नाम दिए हैं। फिलहाल इन नामों की छंटनी के बाद एक रफ सूची तैयार कर ली गई है। सूची को अनुमोदन के लिए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के पास भेजा जाएगा। आखिरी बैठक में इस पर मुहर लगाकर जारी कर दी जाएगी। हमारे भोपाल स्थित सूत्र बता रहे हैं कि कटनी की जिला कार्यकारिणी की घोषणा अब किसी भी क्षण हो सकती है।
महामंत्री के लिए तीन नाम चर्चा में
भाजपा सूत्रों के मुताबिक जिला कार्यकारिणी में महामंत्री पद को लेकर सर्वाधिक खींचतान है। इस पद पर विधायकों की भी रुचि है। विधायक अपनी पसंद का महामंत्री बनाना चाहते हैं, जबकि जिलाध्यक्ष अपनी पसंद का। जिलाध्यक्ष का तर्क है कि संगठन उन्हें चलाना है इसलिए एक महामंत्री उनकी पसंद का होना चाहिए। भोपाल में तीन नाम सामने आए, जिनमें विजय गुप्ता और मनीष देव मिश्रा का नाम शामिल है। तीसरा नाम सरप्राइज़ रह सकता है, जिसमें दो विधायकों की सीधी सहमति बताई जा रही है। इसके अलावा जिला उपाध्यक्ष के 8 पदों के लिए भी नेता सक्रिय हैं। इस पद पर भी विधायकों और जिलाध्यक्ष की पसंद को ही तवज्जो मिलती दिख रही है। कुछ नाम अंतिम समय में आश्चर्यजनक रूप से शामिल हो सकते हैं। बहरहाल अब नेताओं को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि सूची लगभग फाइनल हो चुकी है और किसी भी समय जारी हो सकती है।








