भोपालमध्य प्रदेश

ब्लैक फंगस दवा की कालाबाजारी पर सख्ती:खुदरा दवा दुकान पर नहीं मिलेगा एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन, स्टॉकिस्ट अब सीधे अस्पताल को देंगे

मध्य प्रदेश में ब्लैक फंगस (म्यूकर माइकोसिस) के मरीज बढ़ने के साथ ही इसकी दवा एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की मांग बढ़ गई है। रेमडेसिविर की तरह इसकी भी कालाबाजारी रोकने के लिए फूड एंड ड्रग विभाग ने निर्देश जारी किए हैँ। इसके मुताबिक बाजार में खुदरा दवा दुकानदार ये इंजेक्शन नहीं बेच सकेंगे। होल सेलर या स्टॉकिस्ट सीधे अस्पतालों को ही इंजेक्शन उपलब्ध कराएंगे। सोमवार को ड्रग कंट्रोलर पी नरहरि ने प्रदेश के सभी ड्रग इंस्पेक्टर, सी एंड एफ/ स्टॉकिस्ट/होलसेलर/डिस्ट्रिब्यूटर/दवा विक्रेता को इस संबंध में नोटिस जारी किया है।

ये निर्देश जारी किए

– एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन का उपयोग गंभीर मरीजों के लिए डॉक्टरों की निगरानी में किया जाएगा।

– निर्माता कंपनी से इंजेक्शन सीए एंड एफ से होलसेलर / स्टॉकिस्ट को उपलब्ध कराया जाएगा। जो अस्पतालों/नर्सिंग होम को इंजेक्शन देंगे।

– सी एंड एफ और स्टॉकिस्ट की जिम्मेदारी होगी कि वह होलसेलर को बराबर अनुपात में इंजेक्शन देंगे।

– होलसेलर अस्पताल/नर्सिंग होम को मरीजों की संख्या के अनुपात में इंजेक्शन देंगे।

– सी एंड एफ और स्टॉकिस्ट प्रतिदिन के इंजेक्शन विक्रय की जानकारी संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर को उपलब्ध देंगे। ड्रग इंस्पेक्टर उसी दिन नियंत्रक कार्यालय को जानकारी भजेंगे।

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