जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

फर्नीचर क्लस्टर के निर्माण व जेल बंदियों द्वारा निर्मित सामग्री के कार्य को आखिर कैसे दिया जाएगा बढ़ावा ? 

विधान सभा में प्रश्नकाल में विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने उठाए सवाल

सागर यश भारत | मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यवाही के दूसरे दिन मंगलवार को सागर विधायक शैलेंद्र जैन ने प्रश्न काल के दौरान सागर में फर्नीचर क्लस्टर के निर्माण शुरू करने तथा जेल में बंद कैदियों द्वारा निर्मित सामग्री के कार्य को बढ़ावा देने हेतु सरकार की कार्य योजना पर जवाब मांगे।

विधायक शैलेंद्र जैन ने मध्यप्रदेश शासन के उद्योग मंत्री चैतन्य कश्यप से सागर में फर्नीचर क्लस्टर के निर्माण शुरू करने को लेकर पूछा कि शहर के टिंबर उद्योग लकड़ी के टाल को शहर से बाहर विस्थापित करने के साथ ही फर्नीचर क्लस्टर का प्रावधान किया गया है। इस प्रोजेक्ट में और क्या क्या प्रावधान किए गए हैं और इसकी वर्तमान स्थिति क्या है। क्या इसके लिए भूमि का आवंटन किया जा चुका है और टेंडर भी हो चुका है तथा 70 से अधिक निवेश इकाइयां प्रोजेक्ट लगाने के लिए तैयार हैं। परंतु प्रोजेक्ट नक्शे की स्वीकृति नहीं हो पाने के कारण विस्थापन की प्रक्रिया लंबित है। नक्शा स्वीकृत कर इस प्रोजेक्ट को कब तक शुरू किया जाएगा। प्रश्न के उत्तर में विभागीय मंत्री चैतन्य कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि सागर के सिदगुआं में विभाग के आधिपत्य की भूमि पर फर्नीचर क्लस्टर बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए टेंडर होकर डेवलपर का चयन किया जा चुका है और उसके साथ अनुबंध कर लिया गया है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत एक सुव्यवस्थित फर्नीचर क्लस्टर का निर्माण किया जाएगा और नक्शा पास कराने के लिए सभी ओपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई है। जल्द ही क्लस्टर का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।

इसी तरह एक अन्य प्रश्न में विधायक शैलेंद्र जैन ने सागर केंद्रीय जेल एवं अन्य जेलों में कैदियों द्वारा उनके कार्य कुशलता के अनुसार निर्मित की गई विभिन्न प्रकार की सामग्री एवं उत्पाद के प्रदर्शन, प्रचार- प्रसार एवं उचित कीमत पर विक्रय हेतु शासन द्वारा क्या कार्य योजना बनाई गई है। प्रश्न में यह भी पूछा गया कि सागर जिले में विगत 3 वर्षों में कैदियों के द्वारा कितनी मात्रा में सामग्री का निर्माण किया गया एवं कितनी राशि की सामग्री का विक्रय किया गया और विक्रय सामग्री से कितनी आय अर्जित की गई तथा इसका व्यय किन मद पर किया गया।

 

इससे व्यक्तिगत कैदी के लिए क्या लाभ प्राप्त किया जाता है। इस प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश जेल उद्योग और बंदी पुनर्वास नियम बनाए गए हैं। जिनके अंतर्गत उद्योगों का संचालन सामग्री का विक्रय किया जाता है। केंद्रीय जेल सागर में विगत 3 वर्ष में 92,82,822/ रुपए की सामग्री का उत्पादन कर विक्रय किया गया जिससे 9,25,293/ रुपए की आय हुई। विक्रय से अर्जित आय का उपयोग बंदियों के पुनर्वास नियम 2021 के अंतर्गत किया जाता है और बंदियां को निर्धारित दर पर पारिश्रमिक का भुगतान किया जाता है। कैदियों द्वारा निर्मित सामग्री का विक्रय प्रचार प्रसार रखरखाव किया जा रहा है और इन सब क्रियाकलापों के लिए उद्योग संवर्धन समिति बनाई गई है जो जेल उद्योग हेतु योजना बनाने योजनाओं के क्रियान्वयन का नियंत्रण करने के लिए गठित की गई है। विधायक जैन ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण कार्य है इसको और भी अधिक प्रचार प्रसार और बढ़ावा देने की आवश्यकता है और प्रदेश की बाकी जेलों में भी इस तरह के प्रकल्प शुरू किए जाएंगे तो काफी अच्छे परिणाम सामने आएंगे।

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