जबलपुरमध्य प्रदेश

प्रशासन का गावो में फोकस। गांव-गांव दौड़ेंगे अब अफसर-माननीय: कोरोना को रोकने के लिए मिलकर करेंगे काम

यशभारत संवाददाता, जबलपुर। गांव में कोरोना न फैले और नियंत्रण में रहे इसको लेकर कल जिला आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में गहराई और गंभीरता से विचार करने के बाद महत्वर्पूण निर्णय लिए गए हैं। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी मंत्री डॉ. अरविंद भदौरिया ने की। कोरोना को रोकने के लिए एक माइक्रो टीम बनेगी जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के विधायक सांसद कमेटी में रहेंगे। यह पता चला है कि हर गांव में सर्वे किया जाएगा जिसमें कोरोना से प्रभावित लोग की जानकारी मिलते ही उनको कोविड सेंटर में भर्ती किया जाएगा यह काम संयुक्त रूप से होगा। जिसमें तमाम जनप्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहेंगे। जिन गांवों में कोरोन पॉजीटिव पाए गए उन गांवों को कंटोनमेंट एरिया बनाया जाएगा।

अनुकंपा नियुक्ति में लापरवाही: कोर्ट ने लगाई फटकार तो अनुकंपा नियुक्ति होेने लगी, कुछ दिन बाद सब भूले

मुख्यमंत्री ने जबलपुर के प्लान की सराहना
प्रभारी मंत्री ने जब जिला आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में सीएम शिवराज सिंह को प्लान की जानकारी तो श्री सिंह ने सराहना की । इसके तहत हर विधायक की अगुवाई में छह सदस्यीय टीम गठित करने का निर्णय लिया है। इसी तरह ग्राम पंचायत स्तर पर भी टीम गठित करने का सुझाव दिया था। इस नवगठित टीम के साथ अगले एक सप्ताह तक पूरी ताकत के साथ कोरोना को रोकने और जागरुक करने का अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।

जबलपुर मॉडल पूरे प्रदेश में होगा लागू
जबलपुर में विधानसभा स्तर पर कोरोना संक्रमण रोकने, इलाज सहित अन्य इंतजामों की निगरानी के लिए विधायक की अगुवाई में गठित 6 सदस्यीय टीम गठित करने के प्रयासों को अनूठा बताया और इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की बात कही। इसे विधायक लीड करेंगे।

ये टीम गांवों में कोरोनो को रोकेगी
विधायक के साथ इसमें एसडीएम, एसडीओ, परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, नगर पालिका या नगर पंचायत के सीएमओ और जनपद पंचायत के सीईओ को शामिल किया गया है। इसी तरह पंचायत स्तर पर माइक्रो मैनेजमेंट करके सरपंच, पटवारी, रोजगार सहायक, सचिव आदि की टीम बनाकर अगले सात दिनों तक कोरोना की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जाएगा।

छात्रावास और स्कूलों को बनाया जाएगा कोविड सेंटर
बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत और गांवों के छात्रावास और सरकारी स्कूलों को कोविड सेंटर बनाया जाएगा। इन सेंटरों में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चिकित्सा व्यवस्था बनाएंगे। इसमें जो भी खर्चा आएगा उसका उपयोग प्रशासन विधायक निधि या फिर ग्राम पंचायत स्तर से उपयोग करेगी। इन सेंटरों में पॉजीटिव आने पर ग्रामीण को भर्ती भी किया जाएगा।

विधायक कोई भी हो काम एक सा होगा
गांवों में कोरोना को रोकने के लिए जो प्लान तैयार किया गया है उसके हिसाब से तय किया गया है कि विधानसभा कोई भी हो वहां का विधायक किसी भी पार्टी का क्यों ? न हो काम एक सा होगा। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ग्रामीण क्षेत्रों मे ंकोरोना रोकने का प्रयास के लिये मुसदेदी से जुट गए है।ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना को रोकने का अभियान युद्ध स्तर पर चलेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button