मध्य प्रदेशराज्य

प्रधानमंत्री सड़क निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग : अधूरा कार्य बंद होने से विद्यार्थियों एवं आमजन को पाँच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी करनी पड़ती है तय

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डिंडौरी यशभारत l कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज कलेक्टर नेहा मारव्या की अध्यक्षता में जनसुनवाई आयोजित की गई, जिसमें जिले भर से आए नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याएं और शिकायतें प्रस्तुत कीं। जनसुनवाई के दौरान कुल 75 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। जिन मामलों में तत्काल निराकरण संभव नहीं हो पाया उनमें संबंधित आवेदकों को निश्चित समय-सीमा में समाधान का आश्वासन दिया गया।

          जनसुनवाई में सीईओ जिला पंचायत अनिल कुमार राठौर, अपर कलेक्टर जेपी यादव, एसडीएम डिंडौरी भारती मेरावी सहित अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

          ग्राम कुटेलीदादर के ग्रामीणों ने जनमन योजना अंतर्गत स्वीकृत प्रधानमंत्री सड़क निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग की। उनका कहना था कि अधूरा कार्य बंद होने से विद्यार्थियों एवं आमजन को पाँच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।

          इसी तरह ग्राम जमुनिया के आवेदक ने वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए पात्र घोषित होने के बावजूद आज तक आवास न मिलने की शिकायत की और बताया की कई बार निवेदन करने के बाद भी आवास स्वीकृति नहीं दी गई है। वही ग्राम बरबसपुर के ग्रामवासियों ने सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों हेतु सामुदायिक भवन निर्माण की मांग रखी।

          ग्राम पंचायत चटुवा के लोगों ने गाँव में लगे जर्जर विद्युत तारों की मरम्मत और नियमित बिजली आपूर्ति की माँग की। ग्रामीणों ने बताया कि तारों के टूटने से आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है, वहीं पर्याप्त रोशनी न होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। 

          ग्राम पंचायत पंकू टोला के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की समस्या उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि बरसात में कच्चे रास्तों से बच्चों को स्कूल जाने और बीमार मरीजों को अस्पताल पहुँचाने में काफी कठिनाई होती है। उन्होंने वैकल्पिक सड़क निर्माण कार्य के लिए मंजूरी और राशि उपलब्ध कराने की माँग की। 

           ग्राम पंचायत बिलासर के दुर्गा स्व.सहायता समूह की महिलाओं ने तालाब में मछली पालन कार्य पर रोक लगाने और उससे जुड़ी परेशानियों की शिकायत दर्ज कराई। महिलाओं ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण उनका मछली पालन कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा अन्य ग्रामीणों ने भी पेयजल, राजस्व भूमि विवाद और शासकीय योजनाओं से जुड़ी समस्याएँ अधिकारियों के सामने रखीं।

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